Balakot Airstrike : आज ही के दिन पुलवामा हमले का लिया गया था बदला, कोडनेम रखने के पीछे थी बड़ी वजह

Bhopal Desk, Gautam :- आज ही के दिन 26 फ़रवरी को पाकिस्तानी सीमा में घुसकर भारतीय वायुसेना ने आतंकी ठिकानों पर हमला किया था। यहाँ जैश-ए-मोहम्मद नामक आतंकवादी संगठन के अपने कैंप थे जिसपर भारतीय वायुसेना ने बन बरसाए थे। बता दें की ये करवाई 14 फरवरी को हुए CRPF के काफिले पर आतंकी हमले के बाद की गई थी। इस हमले में CRPF के 40 जवान शहीद हो गए थे।

इसी हमले के जवाब में भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान 26 फरवरी को तड़के पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों पर बम बरसा रहे थे । प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक भारतीय वायुसेना का हमला काफी खौफनाक था। ऐसा महसूस हो रहा था कि भूकंप के तेज झटकों से जमीन कांप रही है।

डेढ़ मिनट में ठिकाने नेस्तोनाबूद
भारतीय वायु सेना (IAF) की तरफ से पाकिस्तान स्थित बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के आतंकी शिविर पर 'मिशन' को सिर्फ 90 सेकेंड के भीतर अंजाम दिया गया था और इस ऑपरेशन के लिए जिस तरह की सीक्रेसी रखी गई थी उसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसे अंजाम देने वाले पायलट के परिवार के सदस्यों को भी इस बारे में कुछ नहीं मालूम था।

12 मिराज विमानों ने दागीं मिसाइलें
 26 फरवरी को 12 मिराज विमानों ने बालाकोट शहर में मौजूद जैश के आतंकी ठिकानों पर मिसाइल बरसाने के लिए उड़ानें भरी थीं। बालाकोट पाक के खैबर पख्तूनवा प्रांत में आता है।

कोडनेम क्यूँ रखा गया था  'ऑपरेशन बंदर'
14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर एयर स्ट्राइक की थी। बालाकोट में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के ठिकाने ध्वस्त कर दिए थे और इसकी गोपनीयता बनाए रखने के लिए इसका कोडनेम ‘ऑपरेशन बंदर’ रखा था। वायुसेना के इस सैन्य ऑपरेशन के लिए 12 मिराज लड़ाकू विमानों को भेजा था। गोपनीयता बनाए रखने और योजना की जानकारी सार्वजनिक न हो यह सुनिश्चित करने के लिए बालाकोट ऑपरेशन को ‘ऑपरेशन बंदर’ कोडनेम दिया गया था।’इसके पीछे की किसी खास वजह का खुलासा न करते हुए सूत्रों ने कहा था कि बंदरों का भारत में युद्ध में हमेशा से एक विशेष स्थान रहा है। भगवान राम के सेनानायक प्रभु हनुमान चुपके से लंका में घुस जाते हैं और शक्तिशाली रावण का पूरा साम्राज्य उजाड़ देते हैं।

 

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