आयुष इंटर्न का सवाल:-खतरा और काम बराबरी का, पर पेमेंट कम, आखिर क्यों…?

आयुष इंटर्न का सवाल:-खतरा और काम बराबरी का, पर पेमेंट कम आखिर क्यों…? 

 Bhopal Desk:Garima Srivastav

कोरोना वायरस महामारी (Corona Virus Pandemic)के दौरान आयुष इंटर्न पर जोखिम और खतरा बराबर का है. पर उनकी पेमेंट इस मुश्किल दौर में बेहद कम है. एक तरफ सरकार जहां दावा कर रही है कि हम कोरोना वॉरियर्स (Corona Warriors)यानी कि हमारे डॉक्टर, इंटर्न सब की सुरक्षा और आर्थिक व्यवस्था का खास ख्याल रख रहे हैं. तो ऐसे में आयुष इंटर्न को प्रतिमाह सिर्फ ₹7000 दिए जा रहे हैं. जबकि उनके ऊपर भी डॉक्टर नर्सेस की तरह ही खतरा बराबर का है. 

 इस कोरोना वायरस महामारी के दौरान स्वास्थ्य विभाग(Health Department) को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि का ऐलान हुआ है, तो ऐसे में आयुष इंटर्न ने यह मांग रखी है कि कोरोना वायरस कंट्रोल के काम में डॉक्टर के साथ इंटर्न लगातार लगे हुए हैं. यह इंटर्न लगातार हॉट स्पॉट वाले इलाके में जाकर सर्वे कर रहे हैं, तो यह भेदभाव क्यों..? 

 साथ ही आयुष मंत्रालय के जूनियर डॉक्टर का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा डॉक्टर का बीमा कराने की घोषणा की गई थी. पर हमारे साथ निरंतर भेदभाव करते हुए अभी तक हमारा बीमा नहीं कराया गया. 

 आयुष छात्रों के संगठन नेशनल  इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ शशांक राय का कहना है कि एलोपैथी और दूसरे विभाग के इंटर्न्स को स्टाइपेंड के रूप में 12000 से ₹25000 दिए जा रहे हैं, पर वही आयुष छात्रों के साथ भेदभाव किया जा रहा है. इन्हें जोखिम उठाने के बाद भी सिर्फ और सिर्फ ₹7000 दिए जा रहे हैं… 

 आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? 

 प्रदेश के छात्रों के आंखों में सवाल है… वह निरंतर इस बात का जवाब पाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर उनके साथ ही देखा क्यों किया जा रहा है जबकि जान का खतरा उन्हें भी है और अन्य विभाग के इंटर्न और डॉक्टरों को भी है… इस प्रकार से भेदभाव क्यों…..? 

 अब देखना यह होगा कि सरकार की नजर इस तरफ पड़ती भी है या नहीं… वैसे तो मध्य प्रदेश सरकार ने बड़े-बड़े दावे किए हैं कि वह सभी को सबका हक देगी. पर क्या इन छात्रों को इनका हक मिलेगा… या इसी प्रकार इनका हनन किया जाएगा……..!

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