
- AY-4 वेरिएंट पहले वेरिएंट से हो सकता है खतरनाक साबित
- लोगों को सेफ्टी रखने कि है जरुरत
- भीड़ में न जाएं और मास्क पहने रखें
इंदौर:- इंदौर में कोरोना के डेल्टा वेरिएंट का नया स्वरूप AY-4 मिला है. 7 मरीजों के सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग में ये वेरिएंट सामने आया है. हालांकि इस वेरिएंट को लेकर फिलहाल दुनिया भर में रिसर्च चल रही है. इस वेरिएंट के मिलने के बाद स्वास्थ्य महकमा सक्रिय हो गया है. रविवार को इनकी कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग कराई गई और इनसे जुड़े 50 लोगों के सैंपल भी लिए गए. जिन 7 लोगों में नया वेरिएंट मिला है. उनमें तीन लोग महू कैंट के आर्मी ऑफिसर हैं और 3 साउथ तुकोगंज थाना क्षेत्र के हैं. इनमें दो लोग एक ही परिवार से संबंधित हैं और एक व्यक्ति धार का है. बताया जा रहा है कि यह परिवार तिरुपति घूमने गया था यह सभी सितंबर में बिना लक्षण के कोरोना पॉजिटिव हुए थे लेकिन अब स्वास्थ्य हैं. इंदौर जिले में अक्टूबर के 23 दिनों में कुल 36 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं जो बिना लक्षण या कम लक्षण के बताए जा रहे हैं.
ऐसे में इनके नेचर को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है लेकिन कई एक्सपर्ट ने इस वेरिएंट की संक्रामक क्षमता को पुराने वेरिएंट से तेज बताते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी है. इंदौर में सितंबर में 7 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए थे. इन सभी के सैंपल 21 सितंबर को जिनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए थे. जिनोम सीक्वेंसिंग रिपोर्ट दिल्ली की एनसीडीसी लैब में हाल ही में दे दी है, जिससे इसका पता चला है.
डॉक्टर्स की सलहा
इसका इन्फेक्टिविटी रेट ज्यादा होता है. ऐसे में लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है. लोगों को चाहिए कि भीड़ में न जाएं और मास्क पहने रखें. वैक्सीन के बाद भी इन्फेक्शन हो सकता है. डेल्टा वैरिएंट में भी यह देखा गया था, वैक्सीन लगने के बाद भी ऐसे कई केस सामने आ रहे हैं, लेकिन वायरस के असर की तीव्रता नहीं होती है, पहले नए वैरिएंट को पूरी तरह समझना होगा, फिर उसका प्रोटोकॉल तय करना होगा.