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नियमितीकरण के नाम पर अतिथिविद्वानों को पकड़ाया चॉइस फिलिंग का लॉलीपॉप

  • 62 दिनों से लगातार जारी है अतिथिविद्वानों का संघर्ष

 भोपाल : सूबे के सरकारी कॉलेजों में पिछले दो दशकों से अध्यापन कार्य कर रहे अतिथिविद्वान कांग्रेस सरकार से विगत 62 दिनों से वचनपत्र अनुसार नियमितीकरण के वादे को पूरा करवाने हेतु संघर्षरत है। किन्तु कांग्रेस सरकार अब तक अपने ही वचनपत्र मे दिए वचन पर खरी नही उतर सकी है। अतिथिविद्वान नियमितिकरण संघर्ष मोर्चा के संयोजक डॉ देवराज सिंह ने कहा है कि कमलनाथ सरकार ने वचनपत्र में किये नियमितीकरण के स्थान पर अतिथिविद्वानों को चॉइस फिलिंग का झुनझुना पकड़ा दिया है। प्रदेश सरकार का यह रवैय्या सीधे सीधे अतिथिविद्वानों में फूट डाल कर अतिथिविद्वान आंदोलन की शक्ति को विभाजित करने का दुस्साहसी कदम है। लेकिन पूरे प्रदेश के अतिथिविद्वान पूर्णतः संगठित है। हम तब तक संघर्ष करेंगे जब तक सरकार वचनपत्र में किये वादे को पूरा नही कर देती है। मोर्चा के संयोजक डॉ सुरजीत भदौरिया के अनुसार सरकार नव प्रदेश की जनता, मीडिया जगत और स्वयं अतिथिविद्वानों को नियमितीकरण के स्थान पर चॉइस फिलिंग के मायाजाल में उलझा दिया है। लगभग 2700 अतिथिविद्वानों को नौकरी से बाहर का रास्ता दिखाकर केवल 579 लोगों को फिर से अतिथिविद्वान बनाकर मंत्री जीतू पटवारी स्वयं अपनी पीठ थपथपा रहे है। लेकिन प्रदेश की जनता सब देख रही है कि इस प्रदेश के उच्च शिक्षित बेटे बेटियों को बेरोजगार करने का कैसा षड्यंत्र रचा गया है। जनता निसंदेह दोषियों को सबक सिखाएगी।


शाहजहांनी पार्क में 62 दिनों से जारी है संघर्ष
अतिथिविद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा के मीडिया प्रभारी डॉ जेपीएस चौहान एवं डॉ आशीष पांडेय के अनुसार  अतिथिविद्वानों का आंदोलन पिछले 62 दिनों से राजधानी भोपाल के शाहजहांनी पार्क में लगातार जारी है। इस बीच अतिथिविद्वानों ने नौकरी के साथ साथ अपने कुछ बेहद समर्पित अतिथिविद्वान साथियों एवं उनके परिजनों को खोया है। जिसका ग़म हम अतिथिविद्वानों को जीवनपर्यंत रहेगा। अतिथिविद्वानों के साथ साथ छोटे- छोटे बच्चों और महिलाओं ने कड़ाके की ठंड में काँपते हुए रातें गुज़ारी है। लेकिन यह संवेदनहीन सरकार को अतिथिविद्वानों की पीड़ा नही दिख रही है।

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