विवेक तंखा की जगह ले सकते है अरुण यादव, दिग्गी राजा ने भी किया समर्थन, लेकिन राह मुश्किल

भोपाल : मध्यप्रदेश कांग्रेस में अब राज्यसभा चुनाव की आहट सुनाई देने लगी है। दरअसल, जून में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विवेक तन्खा का राज्यसभा सीट का कार्यकाल पूरा होने पर ये सीट खाली होगी। अब इस सीट पर कौन जाएगा इसको लेकर चर्चा का दौर शुरू हो गया है। 

खबरों की मानें तो पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव का नाम सबसे आगे चल रहा है। लेकिन, कांग्रेस का एक धड़ा तन्खा काे दोबारा राज्यसभा भेजने के पक्ष में है। ऐसे में उन्हें मध्यप्रदेश की बजाए छत्तीसगढ़ से भेजने की भी चर्चा है, लेकिन वहां भी चुनौती कम नहीं दिख रही है।

दरअसल, जून में ही छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की दो सीटें खाली हो रही हैं। यहां छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ.चरणदास महंत के राज्यसभा जाने की इच्छा जताने के बाद यहां उनकी दावेदारी सबसे अधिक मजबूत हो गई। दूसरी सीट के लिए प्रियंका गांधी का नाम काफी चर्चा में है। इसके अलावा कपिल सिब्बल, पी. चिदंबरम के नामों की चर्चा है। ऐसे में तन्खा वहां फिट होंगे या फिर मप्र से ही उनको दोबारा भेजा जाएगा, यह तय कर पाना कांग्रेस के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है।

बता दे कि अरुण यादव मध्यप्रदेश में कांग्रेस के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग का बड़ा चेहरा हैं। ऐसे में कांग्रेस उन्हें दरकिनार नहीं कर सकती। वे पिछले दिनों कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मिल चुके हैं। अरुण यादव पार्टी गाइडलाइन से कभी पीछे नहीं हटे। साथ ही वे पार्टी पर कटाक्ष करने से भी नहीं चूके। 

हालांकि, दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, अरुण यादव को पूरी तरह से सपोर्ट कर रहें है। मालूम हो कि मिशन-2023 के लिए अरुण यादव ने अपने स्तर से बुंदेलखंड में जनसंपर्क शुरू कर दिया है। यादव गुरुवार को टीकमगढ़ के दौरे पर थे। जिसपर दिग्विजय ने कहा की – 'मुझे इस बात की प्रसन्नता है अरुण आपने दौरा शुरू किया है। जनसंपर्क के माध्यम से ही हम जनता की लड़ाई लड़ पाएंगे। बधाई।

बहरहाल अब देखना दिलचस्प हो चला है कि जून में इस सीट के खाली होने के बाद यहां से कौन राज्यसभा जाता है।

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