जनता के दिल से दूर! सत्ता का चरण चुंबन करने वाला मीडिया = गोदी मीडिया...!

जनता के दिल से दूर! सत्ता का चरण चुंबन करने वाला मीडिया = गोदी मीडिया...!

जनता के दिल से दूर ! सत्ता का चरण चुंबन करने वाला मीडिया = गोदी मीडिया !

 

विशेष रिपोर्ट:लोकेश कोचले 

नमस्कार !! मैं गोदी मिडिया हूँ। मुझे यह सम्मान सरकार की चापलूसी करने और सरकार द्वारा मुझे गोद लेने से प्राप्त हुआ है। मेरा भरण पोषण सरकार के हवाले से होता आया है इसीलिए मुझमे सरकार या सरकारी तन्त्र के खिलाफ बोलने की हिम्मत नही है। मैं सरकार की बजाय उन लोगो से सवाल करने का आदि हू जो सरकार से सवाल करते है। मेरी यह वफादारी मुझे अपने मालिकों को खूश करने मे बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आज के परिवेश में मेरी जिम्मेदारियां काफी बड़ गयी है, इसलिये मेरी तादाद में भी काफी इजाफ़ा हो गया है। 

देश मे नफरत फैलाने से लेकर,हिन्दू- मुस्लिम, चाईना-पाकिस्तान, मोदी-ट्रंप, गाय-गोबर, तीन तलाक, देशद्रोही, टुकड़े टुकड़े गेंग और अभी का ताजातरीन  रिया, सुशाँत और कंगना जैसे मुद्दे  मेरे लिये अति महत्वपूर्ण और जरूरी मुद्दे हैं। 

इतनी सारी जिम्मेदारियां इतने सारे जरूरी मुद्दे उठाने के बावजूद भी मुझ पर आरोप लगाये जाते है की मैं शिक्षा, स्वास्थय, रोजगार, भुखमरी, जीडीपी, महंगाई जैसे गैर जरूरी मुद्दों पर बात नही करता।

भारत देश मे प्रतिवर्ष दस हजार से अधिक किसान आत्महत्या करते है
 NCRB की एक रिपोर्ट के अनुसार साल 2018 में दस हजार तीन सौ उनचास (10349) किसानों ने आत्महत्या की जबकि इसी साल बेरोजगारी से तंग आकर 12 हजार 936 लोगो ने खुदकशी  कर ली। लेकिन मुझे बेरोजगार और किसानो की आत्महत्या दिखायी नही देती मुझे दिखायी देती है तो सुशाँत सिंह राजपूत की खुदकशी। सुशाँत की खुदकशी के मुद्दे के  आगे किसानो और बेरोजगारो की खुदकशी के मुद्दे  मुझे बोने दिखाई पड़ते है।

देश के इतने अति महत्वपूर्ण मुद्दो को छोडकर यदि मै बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे गैर जरूरी मुद्दो पर बहस करूंगा तो फिर मेरा भरण पोषण कैसा होगा। सरकार ने मुझे यहा इसलिये बैठाया है की लोगो का ध्यान इन मुद्दो से हटाया जा सके इसलिये नही की उल्टा सरकार से ही सवाल करने लग जाऊ। 
यह तो वही बात हो जायेगी की जिस थाली मे खाया उसी मे छेद कर दिया। वैसे भी देश मे खुद को बुध्दिजीवि कहने वाले कुछ जाहिल लोगो ने  सरकार की नाक मे दम कर रखा है। ये जो सरकार से गैर जरूरी सवाल करते है जैसे शिक्षा स्वास्थ रोजगार आदि आदि इन लोगो को ही मै देशद्रोही, एंटी नेशनल, टुकड़े-टुकड़े गेंग आदि कहता हू। मुझे इन लोगो से नफरत होती है।
सरकार को भी ऐसे लोगो और इन सवालो से खतरा होता है इसलिये मुझे  एक अच्छे और सच्चे गोदीपुत्र की तरह सरकार को बचाते हुये लोगों का ध्यान ऐसे मुद्दो से भटकाना होता है।
जो मै करता हूँ और करता रहूँगा।

नमस्कार!!! 
       मैं गोदी मिडिया हूँ।