बारिश के बाद भोपाल में सड़को पर उड़ती धूल बनी मुसीबत 

भोपाल/स्वाति वाणी :
भोपाल के लोग एक तरफ जहां बारिश के समय सड़को पर बने गड्ढो से परेशान थे वही जब बारिश का सिलसिला रुका तो शहर की सड़को पे उड़ रही धूल से परेशान हो रहे है| दरअसल, बारिश के चलते सड़के उखड़ गई है, सबसे ज्यादा बुरे हाल डामर की सड़को के है, जिसपे छोट आकर की गिट्टी सड़को पर फैल गई है। इस कारण वाहन निकलने पर पूरी सड़क पर धूल छा जाती है, जिससे रोड पे आने जाने वाले लोगो को दिक्कत का सामना करना पर रहा है|

सड़कों पर उड़ रही धूल को दबाने के लिए पानी का सहारा लिया जा रहा है। नगर निगम अपने टेंकरों से सड़क के बीचों-बीच लगे पौधों में पानी डालने के बहाने सड़कों पर भी छिड़काव करवा रहा है, ताकि वाहन चालकों को धूल से निजात मिले। वहीं शुक्रवार की सुबह शहर के कई इलाकों में निगम के अमले ने अपनी नियमित साफ-सफाई के दौरान धूल भी समेटी। उल्लेखनीय है कि बीते तीन दिनों से राजधानी की सड़कों पर ऐसी धूल उड़ रही है कि वाहन चलाना मुश्किल हो रहा है।

सड़को पर धूल उड़ने की असल वजह है खराब सड़कें| निर्माण के समय सड़को के डामरीकरण में केवल पतली लेयर बिछा दी जाती है, बेस भी मजबूत नहीं बनाया जाता है और ढाल का ध्यान नहीं रखने से सड़क पर पानी जमा हो जाता है| वीआईपी इलाकों में ज्यादातर सड़कों पर नालियां बनी है, जिसके बावजूद भी बरसात का पानी नाली की बजाय सड़कों पर बहता रहता है नतीजा इन सड़कों पर डामर उखड़ जाती है और गिट्टी धूल बनकर उड़ने लगती है| 

डॉक्टरों की माने तो इस तरह की स्थिति बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। दरअसल कोरोना की दूसरी लहर के दौरान बहुत से लोग सांस की बीमारी के चपेट में आ गए थे। जिसके कारण लोगों के फेफड़े काफी हद तक कमजोर हो गए हैं। ऐसे में जो लोग अभी बीमारी से ठीक हुए हैं। उन्हें धूल से नुकसान हो सकता है। साथ ही इस धूल से त्वचा रोग, सांस लेने में तकलीफ, छाती में इंफेक्शन, दमा, बार-बार सर्दी-खांसी होना, एलर्जिक ब्रोंकाइटिस, एलर्जिक राइनाइटिस की शिकायत हो सकती है। यदि सड़कों पर धूल और मिट्‌टी लगातार बनी रही तो यह स्थिति रेग्युलर स्मोकिंग की तरह खतरनाक साबित होगी, जिससे फेफड़े खराब होने की शिकायत हो सकती है।

Exit mobile version