
- गुजरात के CM विजय रुपाणी ने दिया इस्तीफा
- संगठन और सरकार में तालमेल नहीं रख पाये थे रुपाणी
- भूपेंद्र पटेल होंगे नए मुख्यमंत्री
भोपाल/पीयूष परमार:- गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपानी के इस्तीफे के बाद और भूपेंद्र पटेल के मुख्यमंत्री की सीट पाने के बाद सिर्फ गुजरात में ही खलबली नहीं मची है बल्कि अन्य बीजेपी शासित राज्य के CM भी राम राम का जाप जप रहे हैं की कहीं उनका इस्तीफा न मांग लिया जाये? और कहीं वे भी पूर्व मुख्यमंत्री न बना दिए जाएँ। लगातार दिल्ली के फैसले बीजेपी के मुख्यमंत्रीयों को डरा रहे हैं.
पहले उत्तरखंड फिर कर्नाटक और अब गुजरात अगला कौन?
उत्तराखंड के CM त्रिवेंद्र सिंह रावत को तीर्थ कराने के लिए आये तीरथ सिंह रावत लेकिन तीरथ को 'धाम' तक पहुँचाया पुष्कर सिंह धामी ने और उत्तरखंड के नए मुख्यमंत्री बने पुष्कर सिंह धामी इसके बाद बारी आयी बुजुर्ग लेकिन कर्नाटक में बीजेपी के चाणक्य बी एस येदियुरप्पा की खूब मानमनोबल के बाबजूद वे अपनी सीट नहीं बचा पाए यहाँ तक की उन्होंने अपने लिंगायत समुदाय के वोट बैंक का शक्ति प्रदर्शन करके आलाकमान को सन्देश भी दिया लेकिन आलाकमान के आदेश के आगे उनका सन्देश बौना पड़ गया और उनकी जगह बोम्मई कर्नाटक ने नए मुखिया बने और अब विजय रुपानी के इस्तीफे के बाद सबको चौंका देने वाली खबर आई. रुपानी उत्तर गुजरात से पटेल समुदाय के बड़े नेता नितिन पटेल को चकमा देते हुए सीएम बने थे लेकिन पिछले महीने अपने 5 साल पूरे होने के बाद उनके ऊपर भी परिवर्तन की गाज गिर गयी अभी पिछले महीने ही उन्होंने 'जनसंवेदना यात्रा' निकाली थी शायद इसी यात्रा से जनता की संवेदना केंद्रीय नेतृत्व तक पहुँच गयी और रुपानी को बाय बाय बोल दिया गया.
आखिर बदलाव क्यों?
बीजेपी अपने अंदरूनी सर्वे को बहुत तरजीह देती है और अंदरूनी सर्वे में ये बात निकल कर आयी की रुपाणी के नेतृत्व में अगला चुनाव जीतना मुश्किल होगा और बीजेपी बहुत बुरी हार का सामना कर सकती है. जनता की नाराजगी को दूर करने के लिए और अंदरूनी सर्वे को दूर करने के लिए बीजेपी राज्यों में मुख्यमंत्री रही है. साथी में कुछ विशेषज्ञ यह भी कह रहे हैं की मोदी शाह की जोड़ी नई पीढ़ी तैयार कर रही है.
क्या अब बारी मध्यप्रदेश की है?
भाजपा अपने संगठन के साथ अपनी पार्टी शासित राज्यों में बड़े बड़े बदलाव कर रही तो कयास मध्यप्रदेश में भी क्या शिवराज भी हटाए जा सकते हैं या नहीं? क्योंकि अभी कुछ दिनों पहले ही पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह के एक ट्वीट ने पूरे मध्य प्रदेश की सियासत को गरमा दिया था दिग्विजय ने कहा था की भाजपा में अब सिर्फ दो CM पद के उमीदवार है केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल और प्रदेश अध्यक्ष वी डी शर्मा और कल ही प्रदेश कांग्रेस ने ट्वीट किया की “गुजरात के मुख्यमंत्री ने भी इस्तीफा दिया, 5 महीने में 5 मुख्यमंत्री बदलने के बाद अगला नंबर मध्यप्रदेश का”
इस ट्वीट के बाद इस बात की चर्चा पर जोर लग गया है कि क्या मध्यप्रदेश में भी बदलाब होगा? देखना दिलचस्प होगा की क्या शिवराज सिंह चौहान अपनी कुर्सी पर टिके रहेंगे या उनका भी विकल्प उनके ही दल में तैयार हो चुका है .