ऑनलाइन गेम "फ्री फायर" में 40 हजार हारने के बाद बच्चे ने दी जान, एमपी सरकार ने कंपनी पर दर्ज कराई एफआईआर 

ऑनलाइन गेम 'फ्री फायर' में 40 हजार हारने के बाद बच्चे ने दी जान, एमपी सरकार ने कंपनी पर दर्ज कराई एफआईआर 

 

मध्यप्रदेश/भोपाल:
भोपाल: मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सोमवार को कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने एक ऑनलाइन गेम के डेवलपर्स के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है उन्होनें आगे कहा कि “छतरपुर में फ्री फायर गेम को लेकर एक दुखद घटना हुई। इस गेम को विकसित करने वाली कंपनी के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की गई है और साथ ही राज्य भर के पुलिस अधीक्षकों को ऐसे नशे की लत वाले गेम के डेवलपर्स के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया गए  है, जो युवा पीढ़ी और उनके जीवन के साथ खेल रही है। हमने ऐसी कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने के लिए राज्य के कानून विभाग की राय मांगी है”

 

छतरपुर के सिविल लाइंस थाना प्रभारी राजेश बंजारे ने सोमवार को कहा कि फ्री फायर विकसित करने वाली कंपनी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 305 (बच्चे को आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले में आर्थिक लेन-देन पर साइबर सेल की मदद को जीरो पर लिया जा रहा था।

बता दे की छतरपुर सागर रोड स्थित कृष्णा पांडे जो 6वीं क्लास का छात्र था। उसने शुक्रवार दोपहर 3 बजे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है. हिंदी और इंग्लिश में लिखे गए इस नोट में बच्‍चे ने अपने पैरेंट्स से माफी मांगी है साथ ही फ्री फायर गेम में पैसे गंवाने का जिक्र भी किया है, फ्री फायर गेम के कारण वह ₹40000 खर्च कर चुका था। खबरों के मुताबिक लड़के के पिता पैथोलॉजी लैब चलाते हैं और उसकी मां जिला अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग में काम करती हैं।

ऑनलाइन गेम के चक्‍कर में हजारों रुपये गंवाने और फिर आत्‍महत्‍या जैसा बड़ा कदम उठाने का यह मामला बेहद दुखद है. इस घटना के बाद से बच्‍चे के परिवार में मातम का माहौल है. डीएसपी शशांक जैन ने बताया है, 'पुलिस ने सुसाइड नोट जब्त करके मामले की जांच शुरू कर दी है. साथ ही बच्चों के गेम खेलने को लेकर एक एडवाइजरी भी जारी की गई।

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