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भोपाल: पटवारी रमेश सिंह से प्रताड़ित भिखमतिया बाई ने सीएम से मांगी इच्छामृत्यु, सीएम शिवराज और प्रशासनिक अमले से ऊपर है उनके राजस्व विभाग के एक सस्पेंड पटवारी 

भोपाल: पटवारी रमेश सिंह से प्रताड़ित भिखमतिया बाई ने सीएम से मांगी इच्छामृत्यु, सीएम शिवराज और प्रशासनिक अमले से ऊपर है उनके राजस्व विभाग के एक सस्पेंड पटवारी 

  • 7 जनवरी को अनूपपुर कलेक्ट्रेड में करेगी आत्मदाह
  • जमीनी मामले पर वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में होते हुए भी नहीं मिला न्याय 

भोपाल (अनूपपुर) राजकमल पांडे/‘‘सुन लो रे मध्यप्रदेश छोड देना नही जमीन में गाड दूंगा 10 फिट, पता नहीं चलेगा कहीं भी. प्रशासन का मतलब है जनता परेशान न हो’’ बीते 26 दिसम्बर को होशंगाबाद में आयोजित एक जनसभा में जब सूबे की भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चेतावनी भरे लहजे में यह बात कही वक्त तब उनका यह असंवैधानिक वक्तव्य टीवी व प्रिन्ट मीडिया की सुर्खियों में अग्रणी था. तरह-तरह की मसालेदार हेडलाइने मुख्यमंत्री चौहान की नई नवेली गरम मिजाजी को चटकारे मारकर परोस रही थी. मीडिया में उनके इस वायरल वीडियों के स…सहूलियत मानक गढे जा रहे थे. खबरे फ्लैश हो रही थी की ‘मामा’ का खतरनाक मूड, भू-माफियाओं की बजेगी बैंड, ‘मामा’ की चेतावनी से प्रशासनिक अमला हुआ चौकस
वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री के चेतावनी भरे लहजे ने भू-माफियाओं एवं सरकारी अफसरों से त्रस्त प्रदेशवासियों के मन में एक उम्मीद जगा दी थी कि उनके साथ अब न्याय होगा. लेकिन फरियादी भिखमतिया बाई अब नउम्मीद हो चुकी हैं. और उनकी इस नउम्मीदी ने उनको इस मुकाम पर लाकर खड़ा कर दिया है कि उनके पास अब इच्छामृत्यु के सिवा कोई चारा नही बचा है.
स्व. बेसाहन कोल की पत्नी 70 वर्षीय भिखमतिया बाई कोल निवासी सकरिया, जिला-अनूपपुर ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिख कर इच्छा मृत्यु की मांग की है. भिखमतिया द्वारा प्रेषित पत्र में मुख्यमंत्री को भिखमतिया ने लिखा है कि न्यायालय से स्थगन होने के बावजूद दबंग आरोपी जबरन जमीन पर कब्जा कर लिया है. मामले की शिकायत शहडोल कमिश्नर, अनूपपुर कलेक्टर, एसपी, एसडीएम, तहसील, थाना प्रभारी को करते हुए भिखमतिया बाई ने कहा है कि तहसील अनूपपुर के ग्राम अनूपपुर स्थित आराजी खसरा नम्बर 1080/3052, 1082/3053,1080/2.1080/3,1080/4,3162/2,3164/2 तथा अन्य आराजी का सहभूमि की स्वा0मी हूं। रमेश सिंह ने धोखाधड़ी करके कूटरचित तरीके से पंजीयन करा कर कुछ भूमि का अंश भाग अपने ससुर झल्लू सिंह के नाम करवा कर अन्य लोगों को विक्रय कर दिया. झल्लू सिंह के विरुद्ध पंजीयन निरस्त करने हेतु मामला न्यायालय में विचाराधीन है। माननीय न्यायालय ने विवादित भूमि पर किसी तरह का निर्माण ना करने के आदेश दिये हैं। किन्तु पटवारी रमेश सिंह द्वारा अपने प्रभाव एवं धन – बल का दुरुपयोग करते हुए रात दिन युद्ध स्तर पर निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। भिखमतिया ने प्रशासन तथा मुख्यमंत्री से अपील की है कि पटवारी के ससुर तथा अन्य लोगों द्वारा माननीय न्यायालय की अवहेलना करने पर एवं उसके द्वारा लगातार निर्माण कार्य करने पर समय रहते अधिकारियों को निवेदन किया गया। लेकिन पटवारी द्वारा अपने पद, प्रभाव, धन – बल का उपयोग कर युद्ध स्तर पर विवादित भूमि पर निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों से सहयोग तथा निष्पक्ष कार्यवाही की अपेक्षा है। काम रोक कर विवादित निर्माण को ध्वस्त करना चाहिए । भिखमतिया बाई ने पत्र लिख कर चेताया है कि यदि उसके निवेदन पर समय पर कार्यवाही नहीं की गयी तो 7 जनवरी 2021 को तहसील कार्यालय अनूपपुर के सामने शरीर पर मिट्टी तेल डालकर जीवन समाप्त कर लूंगी।

गौर तलब है कि जब कानून के जानकार कानून तोडने में उतर आते हैं. तो ऐसे स्थिति में कानून की व्यवस्था संभालने बैठे लोगों के माथे में चिंता की लकीर आना लाजमी है. प्रदेश के सीएम कब्जेधारियों और माफियाओ के खिलाफ किस मूड में हैं यह पहले ही स्पष्ट कर दिया है, जहां सीएम ने मंच पर सम्बोधित करते हुए प्रदेश के समस्त माफियाओं और कब्जेधारियों को प्रदेश छोडने और हरकत से बाज न आने पर 10 फिट जमीन में गाड देने को कहा है. लेकिन सीएम के चेतावनी देने के बाद भी अनूपपुर जिले के सकरिया निवारी पटवारी की आंख नही खुल पाई है या फिर रमेश सिंह पटवारी खुद को सीएम से ऊपर मानते हैं. मामला यह है जोकि अनूपपुर जिले से आ रहा है जहां राजस्व विभाग के पटवारी रमेश सिंह ने एक बेवा के जमीन में अवैध कब्जा कर रखा है यूं तो मध्यप्रदेश में सरकार-दर-सरकार बदलते रहे हैं. पर नहीं है बदला तो भिखमतिया की विवशता, न्याय पाने की आस और दर-दर की ठोकर खाने की बेबसी और लाचारी. वहीं तब्दालों-दर-तब्दालों पर जिले में कलेक्टर भी बडे-बडे जिम्मेदार आए मगर आते-जाते रहे उस वक्त और दिन में फिर भी भिखमतिया को न्याय नही मिल सका. एक विधवा, आदिवासी की जमीन उसके ही समाज के दबंगों ने लूट ली है. जिला मुख्यालय में करोड़ों रुपये के मूल्य की जमीन मालिक होने के बावजूद भिखमतिया असहाय इतनी है कि भीख मांग कर अपना जीवन यापन कर रही है. न्याय और कानून व्यवस्था सम्भालने बैठे जिले और प्रदेश के कारिन्दों को फिर भी यह देख कर लज्जा न आई. और प्रदेश के लचर और बेढ़गपन पर इतराने वाले कारिन्दों ने भिखमतिया की यह स्थिति कर दी कि वह न्याय की आस में भटकते-भटकते प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान के दर तक पहुंच गई. जहां भिखमतिया ने प्रदेश के सीएम से यह मांग की कि मुझे न्याय दो, और दोषी जनों को दण्डित करो अन्यथा मै अब आत्मदाह कर लूंगी. जिसकी अनुमति भी भिखमतिया बाई ने सीएम से मांगी है.
    मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र भेज कर इच्छा मृत्यु की मांग करने वाली इस गरीब आदिवासी वृद्धा ने अब कलेक्टर ,एसपी को पत्र लिख कर आगामी 7 जनवरी को तहसील कार्यालय में आत्मदाह करने की लिखित सूचना दी है।
    उल्लेखनीय है कि फरयादी भिखमतिया बाई ने पटवारी रमेश सिंह के द्वारा उनके साथ की जा रही ज्यादतियों के विरुद्ध लगातार कानून के दरवाजे खटखटाए धरना प्रदर्शन किए, भूख हड़ताल पर बैठी फिर भी न्याय नही मिला. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ एवं राज्यपाल के समक्ष भी अपनी आपबीती प्रस्तुत की बावजूद इसके फरियादी भिखमतिया बाई को अब तक कोई न्याय नहीं मिला आलम यह है कि भिखमतिया न्याय की गुहार लगाए दर-दर भटक रही हैं यथास्थिति यह है कि एक तरफ भिखमतिया के हौसले पस्त पड़ते जा रहे हैं, तो वहीं पटवारी रमेश सिंह के हौसले कार्रवाई न होने पर चरम पर है.

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