यूक्रेन-रूस जंग के बीच केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का विवादित बयान, विवेक तन्खा ने किया पलटवार

नई दिल्ली : यूक्रेन (Ukraine Russia War) में फंसे भारतीय छात्रों की वापसी के अभियान के बीच केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का एक विवादित बयान सामने आया है। जोशी (Prahlad Joshi) ने दावा किया है कि विदेश में मेडिकल की पढ़ाई करने जाने वाले 90 फीसदी भारतीय छात्र क्वालीफायर तक पास नहीं कर पाते हैं। 

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि यह सही समय नहीं है, जब उन कारणों पर बात की जाए कि देश के लोग क्यों विदेश जाकर पढ़ाई करने जाते हैं? जो लोग विदेश में पढ़ाई कर मेडिकल डिग्री हासिल करते हैं, उन्हें फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स एक्जामिनेशन को पास करना पड़ता है, तभी वो भारत में इलाज करने के योग्य घोषित किए जाते हैं। 

मंत्री प्रह्लाद जोशी के इस बयान पर कांग्रेसी नेता और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने पलटवार किया है। विवेक तन्खा ने कहा कि भारतीय छात्रों के संबंध में केंद्रीय मंत्री का बयान बेहद निंदनीय है। छात्र और युवा पढ़ने और नौकरी के लिए विदेशों का रुख करते हैं। दरअसल देश में इसका अभाव है। संसाधन के अभाव की वजह से भारतीय छात्रों को विदेश जाना पड़ता है। सरकार अपनी असफलता छात्रों की अक्षमता पर ना डालें। इतना ही नहीं विवेक तन्खा ने कहा कि इस समय के हालात में ऐसा बयान बेहद निंदनीय है और देश और छात्रों का मनोबल इससे निश्चित रूप से गिरता है।

गौरतलब है कि मंत्री जोशी का यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब यूक्रेन में हजारों भारतीय छात्र फंसे हैं और उन्हें वापस लाने की कोशिश में सरकार जुटी है। रूसी सेना यूक्रेन की राजधानी कीव और खारकीव में भारी हमला कर रही है। 

Exit mobile version