तुलसीराम सिलावट के लिए क्षणिक सुख रहा मंत्री पद, इस वजह से देना पड़ा इस्तीफा

तुलसीराम सिलावट के लिए क्षणिक सुख रहा मंत्री पद, इस वजह से देना पड़ा इस्तीफा
उप चुनाव से पहले मध्य प्रदेश की राजनीति में काफी कुछ बदलता नजर आ रहा है.शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल में तुलसी सिलावट बिना विधायक के मंत्री बने थे. नियम के अनुसार कोई भी व्यक्ति बिना विधायक हुए मंत्री सिर्फ 6 महीने तक बन सकता है. बता दे कि आज तुलसी सिलावट का कार्यकाल पूरा हुआ उन्होंने कई सफल को मंत्री पद की शपथ ग्रहण की थी. इसके बाद आज उन्होंने इस्तीफा दिया है.
तुलसी सिलावट ने कल शाम ही इस्तीफा दिया था. आज चुनावी प्रचार प्रसार के दौरान उन्होंने कहा कि मेरा कार्यकाल पूरा हुआ, मैंने कल ही मुख्यमंत्री को इस्तीफा भेज दिया है.
बता दे कि तुलसीराम सिलावट जल संसाधन मंत्री थे, इसके साथ ही वह भारतीय जनता पार्टी की तरफ से सांवेर से प्रत्याशी भी हैं.
तुलसीराम सिलावट ने सांवेर की जनता के सामने कहा कि मेरे लिए कोई विशेष पद नहीं बल्कि राज्य की सेवा, विकास महत्वपूर्ण है. मैंने पहले भी कांग्रेस पार्टी को छोड़ा विधायकी पद छोड़ी, और अब मंत्री पद छोड़ रहा हूं. त्याग और समर्पण ही मेरी भावना है क्षेत्र का विकास मेरे लिए सर्वोपरि है. इसीलिए कुर्बानी करना मुझे अत्यंत आवश्यक है.


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