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Indore : नवजात के उपर माँ ने ही किया था हमला, बार-बार बेटी होने से थी परेशान

Indore, Gautam Kumar :- एक दिन की नवजात के हत्या का राज़ खुल गया है। पुलिस ने बताया की उसकी माँ ने ही उस फूल सी बच्ची पर ज़ुल्म किये थे। उस मासूम की बस गलती इतनी सी थी की वह लड़की थी।  

एक तरफ समस्त देश में बेटी-बचाओ बेटी-बढाओ जैसे अभियान चलाये जा रहे हैं। तो दूसरी और बेटियाँ ही बेटियों की दुश्मन बनी हुई है। एक दिन की बच्ची को उसकी माँ ने ही मार डाला वह भी किसी के दवाब में नहीं बल्कि अपने गुस्से में। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि माँ मंजू ने ही बच्ची पर हसिये से वार किया था। जब 13 फरवरी को अस्पताल से छुट्टी कराकर मंजू घर पहुंची तो उसने मासूम के सीने में हसिया घोंप दिया। बाद में पेट और गर्दन पर भी कई वार किये। जब पड़ोसियों ने चीख सुनी तो वे लोग आ गये जिसके बाद बच्ची को अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहाँ लोगों ने झूठ बोलकर नवजात को भर्ती करवाया जहाँ से बच्ची को इंदौर एमवाय रेफ़र कर दिया गया। जहाँ उपचार के दौरान 14 फरवरी को बच्ची की मृतु हो गयी थी।

झूठ बोलते रहे लोग
शुरू से ही माँ मंजू झूठ बोल रही थी। उसने शाजापुर अस्पताल में भी झूठ बोला था, इलाज के दौरान डॉक्टरों को बताया था की वह बच्ची को साथ लेकर नहीं आई है जबकि बच्ची साथ में ही थी। इसके बाद बच्चे को लेकर परिजन मंजू के मायके खोरियामा चले गए। अगले दिन मंजू की छुट्टी करवा ली गई। लेकिन जब परिजन दोबारा बच्ची को लेकर आये तो उन्होंने झूठ बोला की वे लोग मोहन बडोदिया से आ रहे हैं। थाने में बार-बार सख्ती से पूछताछ करने पर माँ मंजू टूट गई। उसने मान लिया की बेटा नहीं हुआ था इस बात से आहात होकर उसने बच्ची की जान ले ली। मंजू को पहले से ही एक बेटी है और एक बार उसका गर्भपात भी हो चूका है।

क्या हुआ था
यहाँ किसी अज्ञात ने एक दिन की बच्ची पर धारधार हथियार से हमला किया और उसे मार डाला। बताया जा रहा कि एक या दो बार नहीं बल्कि कई बार एक दिन के नवजात पर हमला किया गया। अस्पताल में दो दिन तक बच्ची का इलाज चला परन्तु डॉक्टर उसे नहीं बचा पाए।  शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (GMYH) के बाल शल्य चिकित्सा विभाग के प्रमुख ब्रजेश लाहोटी ने शुक्रवार को बताया कि नवजात बच्ची की गर्दन, सीने और पेट पर किसी धारदार चीज से कई वार किए गए थे। अस्पताल में उसकी सर्जरी भी की थी, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। डाक्टरों की माने तो अस्पताल लाए जाने से पहले ही उसका बहुत खून बह चुका था और उसका नाजुक शरीर गहरे जख्मों का दर्द नहीं झेल सका, उन्होंने बताया कि नवजात बच्ची को शाजापुर के जिला अस्पताल से बेहद गंभीर हालत में बुधवार रात इंदौर के एमवायएच भेजा गया था जहां पोस्टमॉर्टम के बाद बच्ची के शव को उसके परिवारवालों को शुक्रवार को सौंप दिया गया।

 

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