बदले जाएंगे MP के CM Shivraj? केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का बड़ा बयान, अटकलें भी थी ज़ोरो पर

भोपाल/खाईद जौहर : भाजपा शासित कई राज्यों के मुख्यमंत्री बदले जानें के बाद इस बात की अटकलें भी ज़ोरो पर थी के मध्यप्रदेश में भी नेतृत्व बदला जा सकता है, केंद्र सरकार प्रदेश से शिवराज सिंह को हटा सकती है। वहीं, प्रदेश कांग्रेस भी इसको लेकर कई बार दावे कर चुकी थी के प्रदेश से सीएम शिवराज जल्द जानें वाले है। यहां तक की गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के नाम मुख्यमंत्री पद की दौड़ में बता दिए गए थे। हालांकि, मप्र में कोई बदलवा नहीं हुआ है। प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर शिवराज सिंह कायम है।
इसी बीच केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने राज्यों में होने वाले नेतृत्व बदलवा को लेकर बड़ा बयान दिया है। दरअसल, हालही में एक इंटरव्यू के दौरान मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से एक सवाल किया गया, भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल राज्यों में नेतृत्व बदल रहे हैं। मध्यप्रदेश में भी क्या ऐसी संभावना महसूस कर रहे हैं? जिस पर उन्होंने कहा कि भाजपा ने कुछ राज्यों में मुख्यमंत्री बदले हैं, ऐसे निर्णय वहां की स्थितियों को देखकर लिए जाते हैं। लेकिन ऐसा नहीं कह सकते कि बाकी राज्यों में भी ऐसा होगा। मेरे मत से इस मामले में एक राज्य से दूसरे राज्य की तुलना उचित नहीं है। मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान अच्छा काम कर रहे हैं। पार्टी में किसी तरह के बदलाव की चर्चा नहीं हो रही है। कांग्रेस एक राज्य में ही बदलाव करके फंस गई पर भाजपा शासित राज्यों में कोई ऑफ्टर इफेक्ट नहीं हुआ।
वहीं, देश में बढ़ रहे है पेट्रोल-डीज़ल के दामों को लेकर भी उनसे सवाल पूछा गया। कांग्रेस शासनकाल में डीजल-पेट्रोल के दाम वृद्धि के विरोध में आपने भी साइकिल चलाई थी। बैलगाड़ी पर बैठकर प्रदर्शन किया था, लेकिन अब महंगाई को लेकर क्या राय बदल गई है? इस सवाल पर मंत्री तोमर ने कहा कि डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ने के अपने अंतरराष्ट्रीय कारण होते हैं। जीएसटी के दायरे में आने का एक पहलू है कुछ राहत मिल सकती है। जीएसटी कांउसिल में इस पर कुछ राज्यों से सहमति नहीं बनी। जहां तक सवाल महंगाई का है तो सरकार की कोशिश हमेशा इस पर नियंत्रण रखने की होती है, लेकिन कुछ परिस्थितियां हैं जैसे कोविड अभी पूरी तरह से गया नहीं है, का फर्क पड़ा है। यह मानने में संकोच नहीं कि थोड़ी महंगाई का असर है पर हालात ठीक होंगे।
इसके अलावा जब मंत्री तोमर से कृषि कानूनों और किसान आंदोलन और को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि कृषि सुधार कानून संसद के दोनों सदनों ने पारित किया है। अधिकांश किसान और संगठन इसका समर्थन कर रहे हैं। कुछ जो आंदोलन में हैं, उनका उद्देश्य क्या है वही जाने। 11 दौर की बात सरकार ने की है। हर प्रावधान पर बात करने को अब भी तैयार हैं, किसान प्रस्ताव लेकर आएं और अपने सुझाव दें। विरोध के लिए विरोध तो ठीक नहीं है।
.jpeg)



