3 नवंबर 2026खबरें • विश्लेषण • जनसरोकार

मध्यप्रदेश की आवाज़
जनसरोकार की पत्रकारिता

WHO ने चेताया, बताया इसे एक "खतरनाक" ट्रेंड, ऐसा नहीं करने का दिया सुझाव 

WHO ने चेताया, बताया इसे एक खतरनाक ट्रेंड, ऐसा नहीं करने का दिया सुझाव 

नई दिल्ली : कोरोना से बचाव के लिए मास्क, सेनेटाइजर, सोशल डिस्टेंस के साथ वैक्सीनेशन काफी अहम माना जा रहा हैं। वैक्सीन ही वो हथियार है जिससे कोरोना महामारी को काबू में किया जा सकता हैं। इस दौरान अलग अलग वैक्सीन के डोज मिक्स करने की संभावनाओं पर भी विचार हो रहा हैं। दरअसल अलग अलग वैक्सीन के डोज मिक्स एंड मैच करने को लेकर कई देशों में स्टडी भी की जा रही हैं। जबकि कुछ देशों में दो वैक्सीन को मिक्स करके देने का ट्रायल चल रहा हैं। 

लेकिन इसी बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की प्रमुख वैज्ञानिक सौम्‍या स्‍वामिनाथन ने इसे एक खतरनाक ट्रेंड बताया। उन्होने कहा कि मिक्स वैक्सीनेशन को लेकर अभी हम डेटा फ्री और एविडेंस फ्री जोन में हैं और बिना किसी पुख्ता तथ्य के ऐसा करना खतरनाक साबित हो सकता हैं। उन्होंने आगाह किया है कि अलग अलग वैक्सीन के डोज लेना घातक साबित हो सकता हैं। उन्होने ऐसा नहीं करने का सुझाव दिया हैं।

बता दे कि कॉम-सीओवी स्‍टडी के अनुसार ऑक्सफोर्ड और फाइजर वैक्‍सीन के ‘मिक्स एंड मैच’ कॉबिनेशन का ट्रायल किया गया जिसके अच्छे परिणाम देखने को मिले। वहीं, ब्रिटेन में एक स्टडी में कहा गया कि एस्ट्राजेनेका वैक्सीन की दो खुराकों को मिक्स करने से बेहतर परिणाम आए और इससे ज्यादा अच्छी इम्यूनिटी मिलती हैं। 

लेखक के बारे में

अपनी प्रतिक्रिया दें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा। ज़रूरी खानों पर * चिह्न है।