वायरल इंफेक्शन : हमीदिया अस्पताल की लाचार व्यवस्था, एक बेड पर मां के साथ 2-2 बच्चों का हो रहा है इलाज

भोपाल : मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में डेंगू संक्रमितों का आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। मंगलवार को भोपाल में डेंगू बुखार के 16 नए मामले सामने आए जिसके बाद डेंगू के कुल मामलों का आकड़ा 142 हो गया है। इसके अलावा भोपाल में स्क्रब टाइफस बीमारी ने भी दस्तक दे दी है।
इधर, हमोदिया अस्पताल के पीडियाट्रिक डिपार्टमेंट में मंगलवार को 200 में से 150 बेड भरे थे। इन पर वायरल इंफेक्शन, निमोनिया, सांस लेने में तकलीफ वाले बच्चे भर्ती थे।
मिली जानकारी के अनुसार हमीदिया अस्पताल में रोजाना 130 से 140 बच्चें वायरल फीवर की ओपीडी में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। सोमवार को यहां पर 136 बच्चे भर्ती थे। ऐसी ही स्थिति शहर के अन्य अस्पतालों की थी। मंगलवार को सबसे ज्यादा 34 बच्चे हमीदिया में वायरल इंफेक्शन के पहुंचे। अब यहां पर भर्ती बच्च को संख्या 150 हो गई है। इन बच्चों में करीब 60% वायरल इफेक्शन है। बाकी दूसरी बीमारियों से पीड़ित हैं।
वायरल इंफेक्शन के लगातार बढ़ रहे मामलों ने चिंता तो बढ़ाई ही है साथ ही अस्पताल प्रशासन की पोल भी खोल दी है। बता दे कि हमीदिया अस्पताल में हालात ये है कि 5 बेड पर 10 बच्चों का इलाज चल रहा है, यानी एक बेड पर 2-2 बच्चे वो भी मा के साथ। इतना ही नहीं, एक-एक ड्रिप स्टैंड पर 4-4 बच्चों की सलाइन बॉटल टंगी है। एसी सही से काम नहीं कर रहें हैं। पूरे पीडियाट्रिक डिपार्टमेंट में उमस और गर्मी से मरीज़ और उनके परिजन परेशान नजर आए।
इस से पहले भोपाल के ही जेपी अस्पताल से ऐसी तस्वीर सामने आई थी जहां बच्चों को पेटी पर लिटाकर इलाज किया जा रहा था। बताया गया था कि “जेपी अस्पताल में बच्चों के लिए दो वार्ड आरक्षित हैं। इनमें 30 बेड है, जबकि यहां 46 बच्चे भर्ती हैं। ऐसे में बच्चों को पेटी पर लिटाकर इलाज करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कोरोना, डेंगू के बाद अब वायरल फीवर का प्रकोप बढ़ने लगा है। जिसका ज़्यादा असर बच्चों में देखा जा रहा है। हालात ये हो गए है कि बच्चों को अस्पताल में भर्ती करने के लिए बेड कम पड़ने लगे हैं।




