यूनाइटेड फोरम के पत्र के बाद ऊर्जा मंत्री ने सभी विद्युत कर्मचारियों के वैक्सीनेशन को लेकर लिखा मुख्यमंत्री को पत्र, अब तक नहीं आया जवाब

यूनाइटेड फोरम के पत्र के बाद ऊर्जा मंत्री ने सभी विद्युत कर्मचारियों के वैक्सीनेशन को लेकर लिखा मुख्यमंत्री को पत्र, अब तक नहीं आया जवाब
भोपाल/गरिमा श्रीवास्तव:- मध्यप्रदेश में ऊर्जा विभाग के कर्मचारी लगातार कोरोनावायरस के दौरान भी अपनी सेवाएं देते रहे हैं. बिजली सुधारने का काम लगातार करते रहे हैं.
प्रदेश में कोविड वैक्सीनेशन जारी है. इसके बाद अब यूनाइटेड फोरम ने मांग की है कि सभी विद्युत विभाग के कर्मचारियों को वैक्सीन लगवाई जाए. बताते चलें कि इस वक्त 45 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है. यूनाइटेड फोरम की मांग है कि उम्र सीमा को ध्यान में ना रखते हुए सभी कर्मचारियों को फ्रंटलाइन वर्कर मानते हुए वैक्सीन लगाई जाए.
यूनाइटेड फोरम ने सबसे पहले ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखा था जिसके बाद ऊर्जा मंत्री ने खुद सभी कर्मचारियों के वैक्सीनेशन के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था पर अभी तक कोई भी जवाब नहीं आया.
यूनाइटेड फोरम के प्रदेश संयोजक वी के एस परिहार ने कहा कि सभी वर्गों के कर्मचारियों को फ्रंट लाइन वारियर्स मानते हुए बिना किसी आयु सीमा के कोविड टीकाकरण किया जाए.
कैश लेश बीमा योजना तत्काल लागू कर विधुत अधिकारी कर्मचारियों को मुख्यमंत्री कोविड 19 कल्याण योजना में शामिल किया जाए.
घर घर जाकर राजस्व वसूली कार्य को स्थगित कर केवल विधुत व्यवस्था सम्बंधित कार्य कराया जाए.
यूनाइटेड फोरम फ़ॉर पावर एम्प्लॉयीज एन्ड इंजीनियर्स की प्रदेश कार्यकारिणी की वर्चुअल बैठक दिनांक 11 अप्रैल को सम्पन्न हुई । बैठक में वर्तमान परिस्थियों पर विस्तार से चर्चा करते हुए यह संकल्प पारित किया गया कि वर्तमान परिस्थिति में जब सभी क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण बहुत तेजी से फेल रहा है एवं हर जगह भय का वातावरण है तो इस स्थिति में विधुत आपूर्ति बाधित न हो। बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि कम्पनी प्रशासन एवं प्रबंधन विधुत अधिकारी कर्मचारियों को घर घर जाकर राजस्व संग्रहण हेतु दबाब बनाया जा रहा है जिससे अनेको कर्मचारी संक्रमित हो रहे है एवं कर्मचारियों की मौत भी हो रही है, इस कारण विद्युत अधिकारी कर्मचारियों अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे है.
यूनाइटेड फोरम के द्वारा प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में लिए निर्णयानुसार से मुख्य मंत्री को पत्र लिखकर अवगत कराया है कि विद्युत व्यवस्था में अहम भूमिका निभाने वाले नियमित बोर्ड /कंपनी कैडर,संविदा,आउटसोर्स सभी वर्गों के कर्मचारियों को फ्रंट लाइन वारियर्स मानते हुए, बिना किसी आयु सीमा के कोविड टीकाकरण में तत्काल शामिल किया जाए..!एवं तद संबंध में शासन स्तर पर आदेश प्रसारित किया जाए।
विद्युत कर्मचारियों से की जा रही है राजस्व वसूली:-
यूनाइटेड फोरम ने अपने पत्र में मुख्यमंत्री को अवगत कराया है कि एक ओर शासन स्तर पर सभी जगह लॉक डाउन लगाकर आम जन को घर मे रहने की सलाह दी जा रही है वही दूसरी ओर शासन का ऊर्जा विभाग और कम्पनी प्रबंधन राजस्व वसूली हेतु विद्युत् कर्मियों को घर घर जाकर वसूली हेतु दबाब बनाया जा रहा है, जिससे उपभोक्ता के साथ साथ विद्युत कर्मियों के सकर्मित होने का खतरा भी बढ़ रहा है। जिस पर मांग की गई है कि वर्तमान स्थिति में जब तक कि स्थिति सामान्य न हो जाय तब तक घर घर जाकर राजस्व वसूली कार्य को स्थगित करने एवं केवल विद्युत व्यवस्था सम्बंधित कार्य करने हेतु ही संबंधितों को निर्देशित किया जाये.
यूनाइटेड फोरम के द्वारा अवगत कराया है कि बड़ी संख्या में विधुत अधिकारी कर्मचारी कोविड 19 से सकर्मित हो गए है और उचित इलाज के अभाव में कर्मियों की मौत हो रही है जबकि फोरम के द्वारा मांगी गई कैश लेश बीमा योजना शासन स्तर पर लगभग 1 वर्ष से लंबित है । अतः कैश लेश बीमा योजना तत्काल लागू कर विधुत अधिकारी कर्मचारियों को मुख्यमंत्री कोविड 19 कल्याण योजना में शामिल किया जावे । यूनाइटेड फोरम के द्वारा लिखे गए पत्र में यह भी आक्रोश व्यक्त किया गया है कि अपने चरण बद्ध आंदोलन के विभिन्न ज्ञापनों के माध्यम से अपनी मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया है परंतु प्रबंधन या शासन के जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा मुद्दों पर चर्चा न की जाकर विधुत अधिकारी कर्मचारियों के साथ असंवेदन शीलता प्रदर्शित की गई है जिससे भी विधुत अधिकारी कर्मचारियों में आक्रोश है एवं यह आक्रोश कभी भी गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है.




