उमा भारती ने अपनी ही सरकार को घेरा, बोलीं प्रदेश में शराबबंदी कानून लागू करवाकर रहूंगी, यह जागरूकता से नहीं, "लट्ठ से होगा"

उमा भारती ने अपनी ही सरकार को घेरा, बोलीं प्रदेश में शराबबंदी कानून लागू करवाकर रहूंगी, यह जागरूकता से नहीं, “लट्ठ से होगा”
- शराबबंदी के खिलाफ उमा भारती ने दिया बड़ा बयान
- पांच महीनों में शराबबंदी नहीं हुई तो उतरेंगी सड़कों पर
- कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा सड़कों पर आइए हम साथ हैं
भोपाल/निशा चौकसे:- मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेता उमा भारती का बयान सामने आया है. जहां वह अपनी ही सरकार के खिलाफ डंडे उठाने की बात कह रहीं हैं. उन्होंने फिर एक बार कहा कि प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी होनी चाहिए. साथ ही कहा की 15 जनवरी 2022 के बाद शराबबंदी करवा कर रहेंगी. शराबबंदी के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने और सड़कों पर उतरने को भी तैयार हैं.
जागरूकता अभियान में उतरेंगी उमा भारती
उमा भर्ती ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कहते हैं कि शराबबंदी जागरूकता अभियान से हो सकती है. पांच महीने जागरूकता अभियान के लिए देती हूं और 15 जनवरी तक का समय है. इसके बाद वो खुद मैदान में उतरेंगी. उन्होंने यह भी कहा कि शराबबंदी जागरूकता अभियान से नहीं होती। यह तो लट्ठ चलाने से ही होगी. फिर बाद में उन्होंने लट्ठ का मतलब समझाते हुए भी कहा कि सख्त कानून होना चाहिए, मैं अभी गंगाजी को गंगा सागर छोड़कर आऊंगी, तब तक मध्य प्रदेश में जागरुकता अभियान चलेगा.
इस पर कांग्रेस ने दिया जवाब
उमा भारती के बयान पर कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने तंज कसते हुए कहा कि उमा भारती ने इससे पहले 2 फ़रवरी को भी इसी तरह की बड़ी-बड़ी बातें करते हुए कहा था कि महिला दिवस से नशामुक्ति अभियान शुरू करेंगी। लेकिन उनका अभियान तो चला ही नहीं, साथ ही कहा कि उमा भारती सरकार के खिलाफ सड़कों पर आइए, हम आपके साथ हैं.




