1 नवंबर 2026खबरें • विश्लेषण • जनसरोकार

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अमित शाह का जबलपुर दौरा आज, आदिवासी वोट बैंक के नुकसान की भरपाई करने की तैयारी, होंगे कई बड़े ऐलान 

अमित शाह का जबलपुर दौरा आज, आदिवासी वोट बैंक के नुकसान की भरपाई करने की तैयारी, होंगे कई बड़े ऐलान 

  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का जबलपुर दौरा आज 
  • मप्र दौरे पर आना कई मायनों में माना जा रहा अहम
  • शाह इस दौरे पर कर सकते है बड़े ऐलान 

जबलपुर : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज मध्यप्रदेश के जबलपुर के दौरे पर आ रहे है, जिसको लेकर कई तरह के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। अमित शाह अपने इस दौरे पर कई घोषणा भी कर सकते है इसको लेकर भी चर्चाओं का बाज़ार गरम है। उनका जबलपुर दौरा न केवल बीजेपी बल्कि संघ की आदिवासियों के बीच सक्रियता के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। बता दे कि आज जबलपुर में अमित शाह “आदिवासी गोंडवाना साम्राज्य” के अंतिम शासक राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होंगे। 

आदिवासियों को खुश करने की कोशिश 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का मध्य प्रदेश दौरे पर आना कई मायनों में अहम माना जा रहा है। कहा जा रहा है कि शाह आदिवासियों के लिए कई बड़ी सौगातों का ऐलान भी कर सकते हैं। दरअसल, आदिवासी बहुल महाकौशल में दस्तक देकर बीजेपी की आदिवासियों को खुश करने की तो कोशिश होगी ही साथ ही 2018 में आदिवासी वोट बैंक के नुकसान की भरपाई 2023 में करने की तैयारी के तौर पर भी इसे देखा जा रहा है। 

ऐसा है सियासी गणित? 

गौरतलब है कि 230 विधानसभा सीटों वाले मध्य प्रदेश में 84 ऐसी सीटें हैं जो आदिवासी बहुल हैं। जबकि अकेले महाकौशल में 38 विधानसभा सीटें आदिवासी प्रभाव वाली हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में 84 में से केवल 34 सीटें बीजेपी के खाते में गई थीं। जबकि 2013 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के खाते में जाने वाली सीटों का आंकड़ा 59 था। ऐसे में ये अनुमान लगाना ज्यादा मुश्किल नहीं है कि बीजेपी के लिए 2023 से पहले अमित शाह का ये दौरा कितना अहम है। 

राज्यसभा उप-चुनाव को लेकर भी हो सकता है बड़ा ऐलान 

यह माना जा रहा है कि अमित शाह अपने जबलपुर दौरे के दौरान मंच से इस बात के संकेत भी दे सकते हैं कि मध्य प्रदेश में बीजेपी का नेतृत्व कितना मजबूत है। राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार के नाम पर भी जबलपुर दौरे के दौरान चर्चा संभव है। जिसमें ये तय होगा कि राज्यसभा की एक सीट के लिए नाम एमपी से होगा या दिल्ली से तय किया जाएगा। 

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