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उत्तराखंड : ग्लेशियर टूटने से तबाही, उमा भारती बोली, मैंने मना किया था नहीं बनाना चाहिए चमोली में प्रोजेक्ट

मध्यप्रदेश/भोपाल – हमेशा अपने बयानों से सुर्खियां बटोरने वाली मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की दिग्गज नेता उमा भारती बीते कई दिनों से लगातार चर्चा का विषय बनी हुई हैं। वह लगातार प्रदेश में शराबबंदी की बात को लेकर सुर्ख़ियों में हैं। इसी बीच अब उनका उत्तराखंड में ग्लेशियर टूटने की वजह से बाढ़ को लेकर बड़ा बयान सामने आया हैं। 

उमा भारती ने इस घटना को लेकर दुःख जताया हैं। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा की – मैं इस दुर्घटना से बहुत दुःखी हूँ। उत्तराखंड देवभूमि है। वहाँ के लोग बहुत कठिनाई जा जीवन जी कर तिब्बत से लगी सीमाओं की रक्षा के लिए सजग रहते है। मैं उन सबके रक्षा के लिये भगवान से प्रार्थना करती हूँ। जोशीमठ से 24 किलोमीटर पैंग गाव ज़िला चमोली उत्तराखंड के ऊपर का ग्लेशियर फिसलने से ऋषि गंगा पर बना हुआ पावर प्रोजेक्ट ज़ोर से टूटा और एक तबाही लेकर आगे बढ़ रहा है। मै गंगा मैया से प्रार्थना करती हूँ की माँ सबकी रक्षा करे तथा प्राणिमात्र की रक्षा करे।

उन्होंने लिखा की – ज़िला चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी सभी जिलो में रहने वाले अपने आत्मीय जनो से अपील करती हूँ की इस आपदा से प्रभावित लोगों के रक्षा व सेवा कार्यों में लग जाइये। उन्होंने बताया कि कल मै उत्तरकाशी में थी आज हरिद्वार पहुँची हूँ। हरिद्वार में भी अलर्ट जारी हो गया है यानी की तबाही हरिद्वार आ सकती है। यह हादसा जो हिमालय में ऋषि गंगा पर हुआ यह चिंता एवं चेतावनी दोनो का विषय है।

उमा भारती यहीं नहीं रुकी उन्होंने आगे चौंकाने वाली बात कही, उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में मैंने जब मै मंत्री थी तब अपने मंत्रालय के तरफ़ से हिमालय उत्तराखंड के बांधो के बारे में जो ऐफ़िडेविट दिया था उसमें यही आग्रह किया था की हिमालय एक बहुत संवेदनशील स्थान है इसलिये गंगा एवं उसकी मुख्य सहायक नदियों पर पावर प्रोजेक्ट नही बनने चाहिएँ। तथा इससे उत्तराखंड की जो 12 % की क्षति होती है वह नैशनल ग्रीड से पूरी कर देनी चाहिए। 

मालूम हो कि रविवार सुबह उत्तराखंड में ग्लेशियर टूटने की वजह से बाढ़ से हालात हो गए। कई लोग अब भी लापता हैं। उनकी तलाश की जा रही हैं। आशंका जताई जा रही है कि वो बाढ़ में बह गए हों। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम राहत पहुंचाने में जुटी हुई हैं। एक तरह से पूरे उत्तराखंड को ही अलर्ट मोड पर रखा गया हैं। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि बहुत तेज आवाज़ आयी जैसा कोई विस्फोट हुआ हो। उसके बाद तेज सैलाब सब बहा कर ले गया। स्थानीय लोग अब खुद भी अपनों की तलाश में जुट गए हैं। 

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