Sidhi : कोरोना से लड़ने की तैयारी ऐसी की 12 लाख की आबादी वाले ईलाके में है सिर्फ एक वेंटीलेटर

Sidhi News : कोरोना संकट के दौर में जिले के स्वास्थ्य महकमे को वेंटिलेटर्स की कमी खल रही है। फिलहाल जिले में एक वेंटिलेटर्स ही है। जिले की सबसे बड़ी चिकित्सालय जिला चिकित्सालय मे सिर्फ एक वेंटिलेटर्स मौजूद हैं। शेष एक भी शासकीय अस्पतालोंं मे वेंटिलेटर्स की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
जिले की आबादी करीब १२ लाख पार कर चुकी है और हालांकि प्रशासनिक प्रयास के कारण चिकित्सा विभाग जगह-जगह कोरोना को लेकर आइसोलेशन वार्ड को दुरुस्त करने मे जुटा हुआ है। इस बीच अस्पतालों में जरूरी उपकरणों की कमी भी देखने को मिल रही है।
कोरोना पीडि़तों को वेंटिलेटर पर रखा जाता है-
बताया गया कि कोरोना वायरस से पीडि़त गंभीर मरीजों को वेंटिलेटर पर ही रखा जाता है। कारण कि कृत्रिम सांस देने के साथ ही आर्टबीट, पल्स रेट समेम तमाम बिंदुओं पर नजर रखने के लिए वेंटिलेटर अहम है। हालाकि जिले मे अभी तक एक भी कोरोना पाजिटिव का केस सामने नहीं आया, लेकिन फिर यहां ऐतिहातन वेंटिलेटर की जरूरत तो हो सकती है।
तेजी से बढ़ रहे मामले-
भारत मे हर दिन कोरोना संक्रमित नए मामले मिलने की दर बढ़ रही है। जानकारी के अनुसार संक्रमण दर में ऐसी ही वृद्धि इटली व ईरान मे दखने को मिली थी। इसके बाद वहां के अस्पतालों में वेंटिलेटर पर इलाज की जरूरत वाले मरीजों का भार बढ़ गया और स्थिति अनियंत्रित हो गई। गौरतलब है कि वेंटिलेटर बनाने के लिए सरकार को मोटा बजट खर्चना होता होगा, क्योंकि एक वेंटिलेटर की कीमत आठ से दस लाख रुपए होती है।
तीन वेंटिलेटर की गई है मांग-
अभी तक अपने पास सिर्फ एक वेंटिलेटर है जो जिला चिकित्सालय मे स्थापित है, जो पर्याप्त नहीं है। इस कमी को देखते हुए राज्य शासन से तीन और वेंटिलेटर की मांग की गई है, जैसे ही बजट प्राप्त हो जाता है वैसे ही खरीदी कर उसे स्थापित करा दिया जाएगा।
डॉ. आरएल वर्मा
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सीधी
(संवाददाता गौरव सिंह की रिपोर्ट)




