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"किया जाए पूरे शिवराज कैबिनेट को भंग", पूर्व मंत्री की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से अपील…. अटकलें तेज़

भोपाल से खाईद जौहर की रिपोर्ट – मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में होने वाले उपचुनाव (By Election) से पहले शिवराज कैबिनेट (Shivraj Cabinet) के दो मंत्रियों एवं सिंधिया के खास समर्थक तुलसी सिलावट (Tulsi Silawat) और मंत्री गोविंद सिंह राजपूत (Govind Singh Rajput) के मंत्री पद पर लगातार संकट के बादल छाए हुए हैं। 

कांग्रेस (Congress) लगातार इन्हें मंत्री पद से हटाने की मांग कर रहीं हैं। 

दरअसल, गोविंद सिंह राजपूत और तुलसी सिलावट के मंत्री पद में बने रहने में संवैधानिक (Constitutional) पेंच आड़े आ रहा हैं। 21 अक्टबर को इनके 6 महीने पूरे हो रहे हैं। लेकिन संवैधानिकबाध्यता के चलते वे विधायक (MLA) बने बिना छह माह से अधिक समय तक मंत्री नहीं रह सकते। 

वहीं, दोनों ही नेता को भाजपा ने अपना-अपना उम्मीदवार घोषित किया हैं। ऐसे में इनको मंत्री पद से बर्खास्त करने की मांग हर दिन तेज़ होती जा रहीं हैं। 

इसी सिलसिले में अब पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा (Sajjan Singh Verma) ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल (Govern Anandi Ben Patel) से अपील की है कि शिवराज कैबिनेट से इन दोनों मंत्रियों को हटाता जाए। इसके साथ ही पूरे शिवराज कैबिनेट (Shivraj cabinet) को भंग किया जाए।

सज्जन सिंह वर्मा ने कहा है कि अगर उनके कार्यकाल खत्म होकर कैबिनेट को भंग किया जाता है तो होने वाले उपचुनाव भाजपा वैसे ही हार जाएगी। उन्होंने कहा कि शिवराज सरकार ने पूर्व विधायकों को बिना विधायकी के मंत्री बनाया हैं। जो कि गलत हैं।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह (CM Shivraj Singh) ने 21 अप्रैल को अपनी टीम में पांच मंत्रियों को शामिल किया था। जिसमें तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत शामिल थे।

जबकि, संवैधानिकबाध्यता के अनुसार व्यक्ति तभी मंत्री बन सकता है जब चुनाव जीतकर आए। बता दें कि प्रदेश में आचार संहिता भी लगी है जिस कारण से ये दोनों नेता चुनाव परिणाम आने तक मंत्री पद की शपथ दोबारा नहीं ले सकते हैं।

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