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स्कूल प्रार्थना में देरी से पहुंचने पर शिक्षक ने छात्राओं को बेरहमी से पीटा, दो छात्राएं अस्पताल में भर्ती 

  • प्रार्थना में देरी से शामिल होना छात्राओं को पड़ा भरी हुई बेरहमी से पिटाई 
  • शिक्षक अधिकारी के बिगड़े बोल घटना पर बोलने से किया इंकार 
  • मारपीट के बाद दो छात्राओं को अस्पताल में भर्ती करवाया 

नरसिंहपुर/प्रियंक केशरवानी:-  मध्यप्रदेश में कोरोना नियंत्रण के बाद अब सब जगह स्कूल खोले गए है लेकिन नरसिंहपुर के एक स्कूल की घटना जहा प्रार्थना में देर से पहुंचना दो छात्राओं को इस कदर भारी पड़ा कि शिक्षक ने उनकी ऐसी पिटाई कर दी कि वे गश खाकर गिर गईं. वहां स्थित लोगों ने उन्हें पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भर्ती किया, जहां से चिकित्सक ने जिला अस्पताल रेफर किया. ये घटनाक्रम तेंदूखेड़ा तहसील की कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला का है. प्रकरण में तेंदूखेड़ा पुलिस का कहना है कि घटना को लेकर पीडि़त पक्ष ने अभी तक कोई मुकदमा कायमी का आवेदन नहीं दिया है. वहीं शिक्षा विभाग इस मामले में लीपापोती करने में जुटा है। 

छात्राओं ने कहा हमारा कमरा पीछे की तरफ है इसलिए घंटी सुनाई नहीं दी 
जानकारी के मुताबिक 17 सितंबर को तेंदूखेड़ा के कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला में दोपहर के वक्त जब नियमित प्रार्थना हो रही थी, तब 8 छात्राएं इसमें शामिल होने से रह गईं. देर से पहुंची ये छात्राएं पीछे की कतार में खड़ी हो गईं. छात्राओं का कहना था कि उनकी कक्षा का कमरा पीछे की तरफ था. जिसके कारण प्रार्थना की घंटी उन्हें सुनाई नहीं दी. प्रार्थना खत्म होने के बाद छात्राओं का आरोप है कि यहां पदस्थ शिक्षक डीपी अग्रवाल ने इन छात्राओं को पहले डांटा फिर उनके साथ मारपीट कर दी. इस दौरान दो छात्राएं गश खाकर गिर पड़ीं. जैसे ही छात्राएं जमीन पर गिरीं अन्य छात्राओं में चीख-पुकार करने लगी. ये देखकर शिक्षक मौके से भाग खड़े हुए. इसी दौरान किसी ने गश खाकर गिरीं छात्राओं के परिजनों को सूचित कर दिया. जिसके बाद वे शाला परिसर पहुंचे और उन्हें पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। 

शिक्षक की पिटाई से छात्राओं का कान सुन्न पड़ गया और वह बेहोश हो गई 
जिला अस्पताल में बेहोश छात्राओं अवंतिका व आरती प्रजापति को दवाएं आदि दी गई. छात्राओं ने कैमरे के सामने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया कि उन्हें शिक्षक डीपी अग्रवाल ने मारा पीटा था. इसके कारण उन्हें कान में सुनना बंद हो गया और वे बेहोश हो गईं थी. वहीं छात्राओं के परिजनों ने भी मारपीट किए जाने की बात कही है. फिलहाल छात्राओं की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है. वहीं इस प्रकरण में हैरत की बात ये है कि इसके बारे में शिक्षा विभाग से लेकर अनुभाग व पुलिस विभाग के अधिकारियों को भी पता है लेकिन कोई भी क्या कार्रवाई हुई इसे लेकर स्पष्ट जवाब देने की स्थिति में नहीं है। 

शिक्षा अधिकारी के बिगड़े बोल, कहा-कलेक्टर से पूछो, मैं नहीं दूंगी जवाब
शुक्रवार को तेंदूखेड़ा की कन्या शाला में कथित मारपीट की घटना के बारे में पता चलने के बावजूद प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी जेएस विल्सन मामले में लीपापोती करती नजर आईं. उनसे जब इस घटनाक्रम के बारे में पूछा गया तो उन्होंने साफ तौर पर किसी भी तरह का बयान देने से इंकार कर दिया. उनका कहना था कि इस प्रकरण में आप कलेक्टर से जवाब मांगिए. मैं किसी भी तरह के सवाल का जवाब नहीं दूंगी. शिक्षा अधिकारी के इस असंवेदनशील बयान को उनके ही विभाग के लोग गलत ठहरा रहे हैं. वहीं अभिभावक भी इस तरह के अधिकारियों की मौजूदगी को सरकारी स्कूलों का बेड़ागर्क करने वाला कह रहे हैं। 

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