MP:-अतिथि विद्वान संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष सुरजीत सिंह भदौरिया ने शिवराज सरकार से फिर किया निवेदन,कही यह बात

MP:-अतिथि विद्वान संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष सुरजीत सिंह भदौरिया ने शिवराज सरकार से फिर किया निवेदन,कही यह बात
भोपाल/गरिमा श्रीवास्तव :- कोरोना काल महामारी के दौरान अतिथि विद्वान आर्थिक स्थिति से भी जूझ रहे हैं. अतिथि विद्वान संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष डॉ सुरजीत सिंह भदौरिया ने कहा कि एक-एक कर अतिथि विद्वानों की मानसिक स्थिति इतनी बिगड़ दी जा रही है कि वह आत्महत्या जैसे कदम उठा रहे हैं अब तक 5 अतिथिविद्वानों ने फांसी को गले लगाकर जान दे दिया.
अध्यक्ष सुरजीत सिंह भदौरिया ने कहा कि कमलनाथ सरकार की शोषणकारी नीतियों की वजह से हमारे साथी अतिथि विद्वानों को फॉलन आउट कर बाहर का रास्ता दिखा दिया गया,
पर शिवराज सिंह चौहान ने हमें ढांढस बंधाया था कि हमारी सरकार आते ही सभी अतिथि विद्वानों को नियमित किया जाए, सरकार भी बदल गई पर अभी तक अतिथि विद्वानों का नियमितीकरण नहीं हो पाया…
अध्यक्ष भदोरिया ने कहा कि भाजपा की कि केंद्र सरकार ने क्या कहा था कि इस कोरोनावायरस महामारी के दौरान किसी को भी नौकरी से बाहर नहीं किया जाएगा, पर इस दौरान भी हम नौकरी में नहीं हैं, स्थिति हो गई है कि हमें मजदूरी करनी पड़ रही है.. सुरजीत सिंह भदोरिया ने कहा कि भाजपा की सरकार में ही हमारा वेतन बढ़ाया था और उसे पंद्रह ₹1500 प्रतिदिन किया था, पर अब स्थिति यह हो गई है कि हम सभी डिग्री होल्डर मजदूरी करने को मजबूर है..
साथ ही अध्यक्ष ने यह भी कहा कि इस कोरोनावायरस के दौरान हमें जल्द से जल्द यथा स्थित कर दें. बाद में आपको हमारी जहां पर नियुक्ति करनी होगी आप लिस्ट के हिसाब से कर लें. पर अभी सभी फॉलन आउट अतिथि विद्वानों को यथा स्थित कर दें. ताकि फिर से कोई भी अतिथि विद्वान फांसी ना लगाएं. सुजीत सिंह भदोरिया ने यह भी कहा कि हमने कमिश्नर से बात की है तो उन्होंने कहा कि चॉइस फिलिंग की लिस्ट जल्द निकाली जाएगी, पर फिर भी हमारे अतिथि विद्वान साथी बाहर ही रह जाएंगे क्योंकि चॉइस फिलिंग सिर्फ 400 से 500 लोगों की कराई गई थी..
इसीलिए मुख्यमंत्री से निवेदन करते हुए कहा कि हमारी जल्द से जल्द नियमितीकरण कराएं और अपने “टाइगर जिंदा है”के जुमले को पूरा करें




