डिंडोरी: कोरोना चरम पर, मप्र में फिर भी ऑफलाइन आयोजित कराई जा रही परीक्षाएं, ऑनलाइन कराने के लिए विधि छात्र और अधिवक्ताओं ने की न्यायिक हस्तक्षेप की मांग

डिंडोरी: कोरोना चरम पर, मप्र में फिर भी ऑफलाइन आयोजित कराई जा रही परीक्षाएं, ऑनलाइन कराने के लिए विधि छात्र और अधिवक्ताओं ने की न्यायिक हस्तक्षेप की मांग

डिंडोरी: कोरोना चरम पर, मप्र में फिर भी ऑफलाइन आयोजित कराई जा रही परीक्षाएं, ऑनलाइन कराने के लिए विधि छात्र और अधिवक्ताओं ने की न्यायिक हस्तक्षेप की मांग

 

 डिंडोरी:- देशभर के साथ मध्यप्रदेश में कोरोना की लहर तेज होती जा रही है.

पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना के 2,64,202 नए मामले आए और 1,09,345 रिकवरी हुईं। इस वक़्त सक्रिय मामलों की संख्या 12,72,073 है।

साथ ही ओमिक्रोन के कुल 5,753 मामले हैं.

देश की राजधानी दिल्ली में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 24,383 नए मामले सामने आए, 26,236 रिकवरी हुईं और कोरोना से 34 लोगों की मौत हुई।
मध्यप्रदेश में एक सप्ताह में 8600 से ज्यादा एक्टिव केस हो गए हैं। इसमें 286 बच्चे हैं.
हाँलाकि मप्र सरकार ने कहा है कि कक्षा 1 से 12 तक के सारे सरकारी और प्राइवेट स्कूल 15 जनवरी से 31 जनवरी तक बंद रहेंगे। सभी राजनीतिक और धार्मिक सभाओं और मेलों पर प्रतिबंध रहेगा लेकिन मकर संक्रांति के स्नान पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा.
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, आठ दिन पहले 08 जनवरी को मध्य प्रदेश राज्य में 5,044 सक्रिय मामले थे। 31 दिसंबर को राज्य में केवल 407 सक्रिय मामले थे। सक्रिय मामलों की संख्या 12 गुना से अधिक हो गई है या केवल आठ दिनों में 1100% से अधिक की वृद्धि देखी गई है।
एक तरफ जहाँ सरकार ने आज स्कूल बंद करने की बात कही है तो वहीं कई कॉलेज, यूनिवर्सिटी में ऑफलाइन परीक्षाएं आयोजित कराई जा रही है.
राज्य उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर ने 4-जनवरी-2022 और रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर ने क्रमशः 12-जनवरी-2022 को एक अधिसूचना जारी की है जिसके द्वारा कॉलेज/विश्वविद्यालय स्तर की परीक्षा के लिए तिथि पत्र जारी किया गया है जो केवल ऑफलाइन के माध्यम से आयोजित किया जाना है। जिसमें क़ानून के छात्र एवं अधिवक्ता सम्यक् जैन, आकर्षि जैन, धीरज तिवारी, मनन अग्रवाल, दीपेश ठाकुर, नम: शिवाय मरकाम ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को प्रतिनिधित्व पत्र लिख कर मामले में हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई और राज्य सरकार को ऑनलाइन मोड में स्थानांतरित करने का निर्देश देने का निवेदन किया।

मप्र की राजधानी भोपाल में भी कई ऐसे कॉलेज हैं जहाँ पर आगामी परीक्षाएं ऑफलाइन कराई जा रही हैं लगतार छात्रों द्वारा विरोध किया जा रहा है लेकिन उच्च शिक्षा विभाग ने इस सम्बन्ध में अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. कोविड मामले बढ़ते जा रहें हैं ऐसे में कॉलेज यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्रों के परिजन परेशान हैं.  राजधानी भोपाल के करियर कॉलेज में भी परीक्षाएं ऑफलाइन कराई जा रही हैं इसी तरह अन्य जिलों में भी कई कॉलेज में परीक्षाएं ऑफलाइन मोड से कराई जा रही हैं.
आगे देखना होगा कि राज्य सरकार परीक्षाएं ऑनलाइन कराती है या बच्चों की परेशानी नहीं थमेगी.