सिहोरा : देखें video किसान बोले आश्वासन नहीं निर्णय चाहिए, बातों में गोल गोल घुमा रहा प्रशासन

सिहोरा : देखें video किसान बोले आश्वासन नहीं निर्णय चाहिए, बातों में गोल गोल घुमा रहा प्रशासन
- बिगड़े ट्रांसफार्मर, धान खरीदी केंद्रों में किसानों से अधिक तौल, किसानों से पैसों की मांग, एस एम एस में देरी और रिजेक्शन, धान का पुराना भुगतान को लेकर प्रशासनिक नही दे पाए कोई जवाब
- कृषि बिल के विरोध में और दिल्ली में चल रहे किसानों के धरना प्रदर्शन के समर्थन में किसान संगठनों की पैदल यात्रा
- प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थानीय मुद्दे को लेकर रेस्ट हाउस में किसान संगठनों की बुलाई थी बैठक
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द लोकनीति डेस्क सिहोरा
दिल्ली में नए कृषि बिलों के विरोध में दिल्ली में बैठे किसानों के समर्थन और किसानों की स्थानीय समस्याओं को लेकर किसान संगठनों द्वारा मझौली से शुरू हुई पैदल यात्रा शुक्रवार को सिहोरा पहुंची। स्थानीय समस्याओं को लेकर प्रशासन ने किसान संगठनों की सिहोरा रेस्ट हाउस में बैठक बुलाई, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी किसानों की मांगों को लेकर कोई भी निर्णय नहीं ले पाए। किसानों संगठनों ने आरोप लगाया कि उन्हें आश्वासन नहीं बल्कि निर्णय चाहिए। प्रशासन सिर्फ बातों को गोल गोल घुमा रहा है। अधिकारी सिर्फ किसानों को अपनी बातों में उलझा जाना चाहते हैं इसके अलावा कुछ नहीं। अपनी मांगों का ठोस हल नहीं मिलने पर किसान सिहोरा से पनागर के लिए कूच कर गए।

यह है पूरा मामला
दिल्ली में नए कृषि ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन को समर्थन देने और किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन, किसान सेना संगठन, ओबीसी महासभा, कुर्मी क्षत्रिय समाज, भारत कृषक समाज, जय किसान आंदोलन राष्ट्रीय किसान मोर्चा द्वारा मझौली के पोला तिराहे से अपनी मांगों को लेकर पदयात्रा शुरू की थी। शुक्रवार को पदयात्रा के सिहोरा पहुंचने पर प्रशासन ने किसानों कि स्थानीय मांगों को लेकर रेस्ट हाउस में किसान संगठनों की बैठक बुलाई।
एक भी समस्या का मौके पर समाधान नहीं सिर्फ आश्वासन
रेस्ट हाउस में एसडीएम चंद्र प्रताप गोहिल, डीएमओ रोहित बघेल, बिजली कंपनी के अधिकारियों की उपस्थिति में किसान संगठनों की बैठक शुरू हुई। बैठक में किसान संगठनों ने अनावश्यक थ्री फेस बिजली की कटौती, बंद पड़े ट्रांसफार्मर धान की सरकारी खरीदी में किसानों से अधिक धान की तौल, तुलाई के नाम पर किसानों से प्रबंधक और कर्मचारियों द्वारा प्रति कट्टी चार रुपए कमीशन, किसानों को धान खरीदी के मैसेज नहीं आना, 3 दिन में खरीदी के बाद भुगतान किए जाने, धान खरीदी की स्वस्थ प्रक्रिया, किसानों का 215 रुपए रुका हुआ भुगतान करने, खरीदी केंद्रों में ग्रेडर धान को रिजेक्ट किया जाना जैसी समस्याएं प्रशासन के सामने रखें लेकिन प्रशासन कोई भी समस्या आधान मौके पर नहीं कर पाया। जिसको लेकर किसान बिफर गए।

… पहले भोपाल और समस्या का नहीं हुआ निदान तो करेंगे दिल्ली कूच
किसान संगठनों का साफ कहना था कि यदि उनकी समस्याओं का निदान नहीं हुआ तो वह जबलपुर से भोपाल पहुंच कर विरोध प्रदर्शन करेंगे और अगर वहां भी उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं निकला तो फिर बिलों के विरोध में किसान संगठनों का साथ देने दिल्ली कूच करेंगे।


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