अघोषित बिजली कटौती में अपने ही नेताओं के विरोध में घिरी शिवराज सरकार

- 12 से 15 घंटे तक होती है अघोषित बिजली कटौती
- कांग्रेस के बाद अब भाजपा के विधायक भी कर रहे है विरोध
- कमलनाथ ने शिवराज सरकार पर किया तीखा हमला
भोपाल/प्रियंक केशरवानी :- मध्य प्रदेश में हो रही अघोषित बिजली कटौती ने सबको परेशान कर दिया है. किल्लत इतनी बढ़ गयी है कि अब विपक्ष के साथ-साथ बीजेपी के नेता भी सरकार पर सवाल खड़े कर रहे हैं. कुछ इलाकों में तो 12 से 15 घंटे तक बत्ती गुल रहती है.बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी के बाद अब टीकमगढ़ विधायक राकेश गिरी ने सीएम को पत्र लिखा है. उन्होंने शिकायत की है कि उनके इलाके में 12 से 15 घंटे तक अघोषित बिजली कटौती हो रही है. टीकमगढ़ से बीजेपी विधायक राकेश गिरी गोस्वामी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को टीकमगढ़ और निवाड़ी में बिजली की अघोषित कटौती बंद करने के लिए पत्र लिखा है।
बिजली कटौती बंद करने के लिए लिखा पत्र
राकेश गिरी गोस्वामी ने अपने पत्र में लिखा कि जिला टीकमगढ़ और निवाड़ी के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले एक सप्ताह से बिजली की हर रोज 12 से 15 घंटे की अघोषित कटौती की जा रही है. साथ ही वोल्टेज की समस्या भी बनी हुई है. इससे क्षेत्रीय किसान अपनी फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं. उन्होंने पत्र में यह भी लिखा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. अघोषित विद्युत कटौती कारण लोगों में भारी आक्रोश है, इसलिए जल्द ही टीकमगढ़ निवाड़ी के ग्रामीण अंचलों में की जा रही अघोषित कटौती बंद करने का कष्ट करें। शिवराज सरकार का अपने ही पार्टी के नेताओं द्वारा विरोध किया जा रहा है इससे शिवराज सरकार की नाकामियां साफ़ तौर पर समझ आती है।
कमलनाथ ने किया शिवराज पर करारा हमला
कमलनाथ ने लिखा-हमारी सरकार के समय हमने प्रदेश में कभी बिजली संकट की स्थिति सामने नहीं आने दी और सस्ती दर पर उपभोक्ताओं को बिजली भी उपलब्ध कराई है . लेकिन आज शिवराज सरकार में जनता बिजली संकट और मनमाने बिजली बिलों से भारी परेशान है. मैं सरकार से मांग करता हूं कि प्रदेश की जनता को इस बिजली संकट और मनमाने बिजली बिलों से मुक्ति दिलाए. अन्यथा कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी. इस मुद्दे पर हम प्रदेश व्यापी आंदोलन के रूप में जनता के साथ उतरेंगे।




