शिवराज सरकार ने माना प्रदेश में बढ़ा बेरोजगारी दर, बताए ये आकड़े

भोपाल : मध्य प्रदेश में बेरोजगारी दर तेजी से बढ़ रहा है, इस बात को सरकार ने भी स्वीकारा है। प्रदेश में नौकरियां सबसे बड़ी जरूरत बन गई है क्योंकि बेरोजगारों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही है। हैरान कर देने वाला आंकड़ा मंगलवार को खुद राज्य सरकार ने विधानसभा में आर्थिक सर्वेक्षण पेश करने के दौरान रखा।
बीते 1 साल में 5.46 लाख बेरोजगार बढ़ चुके हैं। आंकड़ों की बात करें तो राज्य में पिछले साल 24 लाख 77 हज़ार रजिस्टर्ड बेरोजगार थे, जबकि यह आंकड़ा अब बढ़कर 30.23 लाख को चुका है। अगर केंद्र सरकार की बात करें तो केंद्र के आंकड़े तो और भी ज्यादा भयावह हैं। आए दिन देखा जाता है कि देश के अलग-अलग राज्यों में बेरोजगार प्रदर्शन कर रहे हैं।
केंद्र सरकार के श्रम पोर्टल को अगर देखें तो प्रदेश के बेरोजगारों की संख्या 1.30 करोड़ दर्ज है इनमें 33% बेरोजगार ग्रेजुएट हैं। राज्य में प्रति व्यक्ति आय पर अगर नजर डालें तो राष्ट्रीय स्तर से यह 35% कम है। सर्वेक्षण के मुताबिक देश में प्रति व्यक्ति आय 93 हज़ार 973 है जबकि मध्यप्रदेश की रू 63 हज़ार 645 रुपये।
आज मध्यप्रदेश का आम बजट पेश हुआ। अगले साल विधानसभा चुनाव की वजह से इस बजट में सरकार अपनी फ्लैगशिप योजनाओं पर ज्यादा फोकस किया गया है। इस बार पहली बार चाइल्ड बजट लाया गया है। सरकारी बजट तो पेश करती है लेकिन इस बजट से फायदा किसका होता है यह ज्यादा कुछ पता भी नहीं चलता। बहरहाल, अब देखना होगा कि इस बजट के बाद मध्य प्रदेश की जनता को कितना लाभ होता है।




