सिवनी : MSP पर मक्का का मूल्य नही मिला तो आम आदमी पार्टी करेगी उग्र आंदोलन

सिवनी : MSP पर मक्का का मूल्य नही मिला तो आम आदमी पार्टी करेगी उग्र आंदोलन

सिवनी : MSP पर मक्का का मूल्य नही मिला तो आम आदमी पार्टी करेगी उग्र आंदोलन

सिवनी से महेंद्र सिंघ नायक : -  जिले में बहुतायत में मक्के की फसल बोयी जाती है पिछले बर्ष भी विदेशों से मक्का आयात किये जाते ही मक्के का बाजार इतना टूट गया कि सिवनी जिले के किसानों को करोड़ो रुपयों का नुकसान छेलना पड़ा  और वर्तमान में भी मक्का का बाजार टूटा हुआ है अपने आप को किसानों की हितैषी बताने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से आम आदमी पार्टी सिवनी जिला प्रशासन के माध्यम से लम्बे समय से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर  मक्का विनिश्चय करने को लेकर प्रदर्शन ज्ञापन देते हुए समय पर कदम उठाने की मांग करते आ रही है  और अभी न्यनतम समर्थन मूल्य अधिकार दिवस पर मक्का किसानों की परेशानी व लाये गए अध्य्यादेश पर चर्चा ले लिए सवांद करने साँसद बिसेन साहब को मंडी प्रांगण भी बुलाया पर वह नही आये इसके पूर्व आम आदमी पार्टी की सवांद चर्चा आमंत्रण की प्रेस नोट के बाद मुख्यमंत्री के नाम साँसद जी ने पाती लिखी सोशल मीडिया समाचार पत्रों के माध्यम से भाजपा नेता तीन दिवस  के अंदर इस पर कोई निर्णय की बात बताकर किसानों को आश्वस्त कर रहे है जिसका आज दूसरा दिन है किसान बड़ी बेसब्री से इन्जार में है लेकिन आप के किसान प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष पूर्व मंडी सदस्य आदिवासी किसान नेता बरघाट विधानसभा से आप के पूर्व विधायक प्रत्याशी रहे नरेंद्र कुंजाम  ने तीन नही 6 दिन का इंतजार के बाद सीधे उग्र आंदोलन की बात आज आप कार्य कर्ताओ व किसानों से कही है और उन्हीं के नेतृव में उग्र आंदोलन की रण नीति आज स्थानीय दतेश्वरी लाज में आप कार्यकर्ता ओ की मीटिंग में जिला अध्यक्ष  दुर्गेश विश्ववकर्मा की अध्यक्षता में तय किया गया जिसमें प्रमुख रूप से आपके 

आनंद मिश्रा, रामगोपाल चौधरी विनय पाठक ऋषिकिशोर,सुरेंद्र सनोडिया,अधिवक्ता आशीष सौलंकी व राजेन्द्र चौधरी आदि प्रमुख रुप से उपस्थित रहे।

आप की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी जिला मीडिया प्रभारी राजेश पटेल ने बताई है साथ ही सभी किसान भाइयों से अपील की है कि वे दलगत राजनीति से बाहर निकलकर किसानों के हक अधिकार के लिए संगठित हो और मजबूत लड़ाई के लिए तैयार हो जाये प्रदेश के मुखिया उपचुनाव में व्यस्त है अगर समय रहते इस पर फैसला नही लिया गया तो हजारो किसान अपनी मक्का की उपज 1 लीटर बोतल बंद पानी के मूल्य से आधे मूल्य पर बेचने मजबूर हो जायेगे।