रूस यूक्रेन युद्ध : गोली धर्म और राष्ट्रीयता नहीं देखती, एक और भारतीय छात्र को लगी गोली

- रूस यूक्रेन युद्ध में एक और भारतीय छात्र को लगी गोली
- अस्पताल में भर्ती
- मंत्री वीके सिंह का कहना “गोली धर्म और राष्ट्रीयता नहीं देखती”
इंटरनेशनल डेस्क : एक तरफ जहां भारत सरकार यूक्रेन से अपने नागरिकों को सुरक्षित भारत लाने के लिए पूरी कोशिश में जुटी है, तो वही एक और भारतीय नागरिक को गोली लगी है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुछ दिनों पहले, एक भारतीय छात्र की जान चली गई। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह ने गुरुवार यानि कि (3 मार्च) को पोलैंड के रेज़ज़ो हवाई अड्डे पर एएनआई को जानकारी दी थी।
जनरल सिंह ने कहा, “कीव के एक छात्र को गोली लगने की सूचना मिली है और उसे तुरंत कीव के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।” उन्होंने कहा, “भारतीय दूतावास ने पहले प्राथमिकता पर साफ कर दिया था कि सभी को कीव छोड़ देना चाहिए। युद्ध की स्थिति में, बंदूक की गोली किसी के धर्म और राष्ट्रीयता को नहीं देखती है।”
भारत देश के 4 केंद्रीय मंत्री, हरदीप सिंह पुरी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, किरेन रिजिजू और जनरल (सेवानिवृत्त) वीके सिंह यूक्रेन से सटे देशों में निकासी प्रयासों की देखरेख कर रहे।
इन सबके बीच गुरूवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दावा किया कि खारकीएव में एक ट्रेन स्टेशन पर बड़ी संख्या में भारतीय छात्रों को बंधक बनाकर रखा गया है। अंग्रेज़ी अख़बार द हिंदू ने इस ख़बर को प्रमुखता से छापा है। अख़बार के मुताबिक़ राष्ट्रपति पुतिन ने रूस की सुरक्षा परिषद में यह बात कही कि, ''वो विदेशी नागरिकों को बंधक बना रहे हैं जिनमें यूक्रेन में कॉलेज जाने वाले हज़ारों छात्र शामिल हैं।
''खारकीएव में एक रेलवे स्टेशन पर एक दिन से ज़्यादा समय तक 3,179 भारतीय नागरिकों को बंधक बनाया गया है। वो अब भी वहां हैं। इनमें सुमी में फंसे 576 लोग भी शामिल हैं।
यूक्रेन और रूस के बीच पहले दौर की बात चीत का कोई भी फायदा नहीं हुआ जिसके बाद रूस ने खारकीएव पर हमले तेज़ कर दिए थे। ऐसे में भारत ने अपने नागरिकों को जल्द से जल्द खारकीएव छोड़ने की सलाह दी थी। और तीन सुरक्षित जगहों पर पहुंचने के लिए कहा था। बताते चलें कि ये जगहें रूस ने भारत को बताई थीं।
संयुक्त राष्ट्र की आम सभा में बुधवार को यूक्रेन पर रूसी हमले के खिलाफ एक प्रस्ताव लाया गया जहां भारत ने पिछली बार की तरह ही वोटिंग से खुद को दूर रखा अमेरिका ने भारत के इस रुख पर कहा है कि वो भारत को रूसी आक्रमण की आलोचना करने के लिए मना रहा है, लेकिन अमेरिका के अब तक के ऐसे सभी प्रयास असफल रहे हैं।
रूसी अटैक में यूक्रेन के 10 से ज्यादा शहर बर्बाद हो चुके हैं ह्यूमन कॉरिडोर बनाने पर सहमति बनाई गई हैं। भारत हर तरफ से कोशिश कर रहा है कि जल्द से जल्द सभी भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाया जाता है। पूरा विश्व यही कोशिश कर रहा है कि यह युद्ध अब थम जाए। लेकिन यह युद्ध कब थमेगा यह कोई नहीं जानता।
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