शराबबंदी पर बवाल : अपनों से ही घिरी उमा भारती, BJP के वरिष्ठ नेता बोले, लोकतंत्र जनमत से चलता है, लठ से नहीं….

भोपाल/खाईद जौहर – मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की फायर ब्रांड नेत्री उमा भारती द्वारा दिए गए शराबबंदी के बयान के बाद से ही प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है। दरअसल, शनिवार को मीडिया से चर्चा करते हुए उमा भारती ने कहा था कि शिवराज जी और वीडी शर्मा जी का मानना है कि जागरूकता अभियान से शराबबंदी की जा सकती है। लेकिन मेरा माना है कि यह बिना लट्ठ के नहीं होगा।
उमा भारती ने कहा था कि मैं 15 जनवरी तक लोकतंत्र का पालन करूंगी। शराबबंदी के लिए जागरूकता अभियान से काम चलाऊंगी। यदि फिर भी लोग नहीं माने तो सड़क पर उतर जाऊंगी। मैं अभी गंगाजी को गंगा सागर छोड़कर आऊंगी, तब तक मध्य प्रदेश में जागरुकता अभियान चलेगा। मध्य प्रदेश में 15 जनवरी 2022 के बाद शराब बंदी लागू होकर रहेगी, यही गंगा सागर से तय करके आऊंगी।
उनके इस बयान पर जहां कांग्रेस कांग्रेस विधायक और दिग्विजय सिंह के छोटे भाई लक्ष्मण सिंह ने समर्थन किया, तो वहीं अब पूर्व राज्यपाल व भाजपा के वरिष्ठ नेता कप्तान सिंह सोलंकी ने उमा भारती के ट्वीट पर रीट्वीट कर नई बहस छेड़ दी है।
पूर्व राज्यपाल व भाजपा के वरिष्ठ नेता कप्तान सिंह सोलंकी ने ट्वीट कर लिखा है कि लोकतंत्र जनमत से चलता है। लठ से नहीं। यह हिंसा का हिस्सा है।क़ानून से भय पैदा किया जा सकता है, विचार नहीं बदले जा सकते। संस्कारों से विचार बदलने की ज़रूरत है।
इससे पहले कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह ने कहा था कि “शराबबंदी”पर राजनीति फिर शुरू हो गई है, लोगों का असफलताओं से ध्यान हटाने वाली! अच्छा होगा अगर नेतागण भू माफिया के विरुद्ध मोर्चा खोलें। मैं लट्ठ लेकर आपके साथ चलने को तैयार हूं और लाखों गरीब भी साथ हो जायेंगे। क्या आप तैयार हैं?
बता दे कि उमा भारती ने पहले भी शराबबंदी के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की थी, उस दौरान भी उन्हें कांग्रेस का समर्थन मिला था। लेकिन बाद में उन्होंने यू टर्न ले लिया। अब मप्र राज्यसभा चुनावों और उपचुनावों की हलचल के बीच एक बार फिर उमा ने शराबबंदी का मोर्चा खोल चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।




