भोपाल के AIIMS में हुआ शोध, मरने के बाद हड्डी खोलेगी मौत का राज़

भोपाल के AIIMS में हुआ शोध, मरने के बाद हड्डी खोलेगी मौत का राज़
- एम्स के मेडिकोलीगल डिपार्टमेंट के पीजी छात्र डॉ. श्रवण जेएस ने किया शोध
- शरीर की छोटी सी हड्डी से मृतक के महिला या पुरुष होने की जानकारी मिलेगी
- डॉ. रासा अनवर भी स्पाइनल कॉर्ड के गर्दन के हिस्से पर शोध कर रही
मध्यप्रदेश/भोपाल:
कई बार हत्या या दुर्घटनाओं में मृत व्यक्ति का कंकाल इतना क्षतिग्रस्त हालत में मिलता है कि यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है की मृतक महिला है या पुरुष।
भोपाल एम्स के मेडिकोलीगल डिपार्टमेंट के पीजी छात्र डॉ. श्रवण जेएस ने इस शोध में सफलता पाई है। एम्स में की गई एक रिसर्च की मदद से शरीर की छोटी सी हड्डी से न केवल मृतक के महिला या पुरुष होने की जानकारी मिलेगी, बल्कि उसकी कद-काठी और उम्र का भी सटीक पता लगाया जा सकेगा। इस तकनीक से शोध के अनुसार सही नतीजे आने की उम्मीद 80 फीसद तक रहेगी। 20 फीसद मामलों में अपवाद के तौर पर नतीजे शोध से परे हो सकते हैं।
डॉ. श्रवण ने बताया कि इसके लिए 125 महिला और 125 पुरुष मरीजों के चेस्ट सीटी स्कैन पर रिसर्च किया गया। इसमें पसलियों को जोड़ने वाली हड्डी (स्टर्नम) को सात भागों में बांट कर उसका माप लिया गया। करीब दो साल तक इन सीटी स्कैन का अध्ययन करने के बाद पता चला कि सात हिस्सों में से तीन हिस्से ऐसे थे, जो महिला और पुरुष में अलग अलग नाप के थे। स्टर्नम की जांच थ्रीडी इमेज बनाकर की गई। इममें यह सामने आया कि महिलाओं की स्टर्नम पुरुषों के मुकाबले चौड़ी और छोटी होती है।
एम्स की डॉ. रासा अनवर भी स्पाइनल कॉर्ड के गर्दन के हिस्से (सर्वाइकल वर्टीब्रा) पर शोध कर रही हैं। जिसमे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है की क्या स्पाइनल कॉर्ड के गर्दन के हिस्से से पूरे शरीर की जानकारी हासिल की जा सकती है। अगले दो साल में अटॉप्सी के दौरान 100 से ज्यादा शवों का एक्स-रे कर सर्वाइकल वर्टीब्ना की लंबाई, चौड़ाई और मोटाई के आधार पर शोध किया जाएगा।
अब तक कंकाल में खोपड़ी या पेल्विक बोन (कूल्हे की हड्डी) हड्डी से यह पता किया जाता है कि यह पुरुष की है या महिला की। डॉ. श्रावण ने बताया कि कुछ देशों में स्टर्नम से महिला या पुरुष की पहचान सीटी स्कैन से करने के आधार पर शोध हुए हैं, लेकिन वह भारत के संबंध में प्रासंगिक नहीं हो सकते। वजह, दूसरे देश के लोगों के स्ट्रक्चर अलग होते है।




