राजस्थान : सचिन पायलट चाहते है 6-7 मंत्री पद, पार्टी समाधान में जुटी… CM गहलोत के सामने बड़ी चुनौती

राजस्थान : राजस्थान में एक बार फिर सियासी उठापठक देखी जा रहीं हैं। सचिन पायलट गुट के विधायक पार्टी की नीतियों से असंतुष्ट हैं। जिसकी खबरें भी लगातार सामने आ रहीं हैं। जिस पर अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बड़ा निर्णय ले सकते हैं।
सूत्रों की मानें तो पूर्वकालिक अध्यक्ष की जुलाई में नियुक्ति के बाद मंत्रिमंडल के विस्तार होने के आसार नजर आ रहे हैं। सचिन इनमें से 6-7 पद अपने लिए चाहते हैं। बता दे राजस्थान में कुल मंत्रियों की संख्या 30 हो सकती हैं। अभी 21 मंत्री है, जबकि 9 सीटें अभी खाली हैं।
सूत्रों के मुताबिक सचिन पायलट 9 खाली पदों में से 6 से 7 मंत्री पद अपने समर्थकों के लिए चाहते हैं। पायलट की ख्वाहिश है कि उनके करीबी विधायकों को मंत्रिपरिषद में जगह दी जाए।ऐसे में कांग्रेस पार्टी इस संकट के समाधान का क्या फॉर्मूला ढूंढती है, इस पर सियासी जानकारों की निगाहें टिकी हैं।
हालांकि अभी तक सचिन पायलट की मांग पर फार्मूला तय नहीं हुआ है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि इस पर तेजी से काम किया जा रहा हैं। पार्टी सचिन के मसले और मांग के समाधान की कोशिश में जुटी हैं।
इसके अलावा पार्टी में सचिन पायलट की भूमिका क्या होगी, यह भी कांग्रेस आलाकमान तय करेगी।
इन सबके बीच कांग्रेस पार्टी को यह देखना है कि सचिन की मांग के अलावा 18 निर्दलीय और बीएसपी से कांग्रेस में शामिल हुए विधायकों की भी आकांक्षा कैसे पूरी की जाए। पायलट बनाम गहलोत विवाद के बीच सूत्र ये भी कह रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी को उन विधायकों की आकांक्षाओं को भी ध्यान में रखना है जो 6-7 बार से जीतते रहे हैं।
हालांकि, राजस्थान की सियासी गलियों में चर्चा तेज है कि इस बार पायलट गुट के तीन से चार विधायकों को मंत्री बनाने के साथ-साथ कांग्रेस में शामिल हुए अन्य पार्टी के विधायकों को भी मंत्री बनाया जा सकता हैं। लेकिन इस बात की अभी पुष्टि नहीं हैं।
वहीं जिन विधायकों को मंत्री नहीं बनाया गया है, वह मंत्री बनना चाहते हैं। ऐसी स्थिति में अशोक गहलोत किन विधायकों को संतुष्ट कर पाते हैं। यह तो वक्त ही बताएगा।


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