CAA विरोध : केरल और पंजाब के बाद राजस्थान भी उतरा CAA के विरोध में, विधानसभा से प्रस्ताव किया पारित
सीएए विरोध केरल और पंजाब के बाद राजस्थान भी उतरा सीएए के विरोध में, विधानसभा से प्रस्ताव किया पारित
- राजस्थान सरकार ने शनिवार को नागरिकता संशोधन कानून सीएए के खिलाफ प्रस्ताव को विधानसभा में पास कर दिया है।
- केरल और पंजाब के बाद राजस्थान तीसरा राज्य बना जिसने सीएए के विरोध में प्रस्ताव पारित किया है।
भाजपा ने जताया विरोध
राजस्थान भी सीएए के विरोध में खुलकर उतर आया है जहां उसने आज 25 जनवरी को नागरिकता संशोधन कानून के विरूद्ध प्रस्ताव पारित कर विरोध दर्ज किया है।
विधानसभा का चल रहा बजट सत्र
गौरतलब है कि 24 जनवरी से विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है जहां सत्र के दूसरे दिन इस प्रस्ताव को पारित किया गया है।
भाजपा ने सदन और बाहर दोनों जगह जताया विरोध
इस प्रस्ताव के सदन में पेश होते ही भाजपा ने जोरदार हंगामा किया, सदन के सदस्य वेल में चले गए जहां उन्होनें इसके विरूद्ध हंगामा किया एवं सीएए के पक्ष में नारे लगाए। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने इस प्रस्ताव के विरोध में कहा कि इस कानून को दुनिया की कोई ताकत रोक नहीं सकती, इसे आपको लागू करना ही होगा।
देश में चल रहे हैं विरोध प्रदर्शन
देश के विभिन्न राज्यों में इस कानून के विरोध में लगातार प्रदर्शन किए जा रहे हैं । दिल्ली के शाहीनबाग से लेकर लखनऊ के घंटाघर, भोपाल के इकबाल मैदान तक में इसके विरूद्ध लोग आंदोलन कर रहे हैं।
गौरतलब है कि देश के कुछ राज्यों ने इस कानून को लागू करनें से इनकार कर दिया था।
केरल बना पहला राज्य
सीएए के विरोध में प्रस्ताव पारित करनें वाला केरल पहला राज्य बना । इसके लिए राज्य सरकार और केरल के राज्यपाल के बीच जमकर जुबानी जंग चली।