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ठंड से परेशान किसान पर हार मानने को नहीं तैयार, सरकार को घुटने के बल बैठाने की पूरी तैयारी!

ठंड से परेशान किसान पर हार मानने को नहीं तैयार, सरकार को घुटने के बल बैठाने की पूरी तैयारी

 किसान आंदोलन दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है. पर अभी तक सरकार की तरफ से किसानों को  संतुष्ट करने वाली बात सामने नहीं आई है.. कृषि कानूनों के खिलाफ​ दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। एक किसान प्रदर्शनकारी ने कहा, “ठंड से ​परेशानी काफी है लेकिन जब तब कानून वापस नहीं होते और MSP लागू नहीं होती हम इसी हिम्मत के साथ लड़ेंगे।” 

 एक तरफ किसान इस ठंड में मुसीबत से जूझ रहे हैं तो दूसरी तरफ प्रधानमंत्री मोदी दौरे पर हैं
 आज पीएम मोदी कच्छ दौरे पर रहेंगे.

 

किसानों की मांग है कि सरकार कृषि कानूनों को वापस ले। वहीं, सरकार संशोधन के लिए तैयार हैं। सरकार का साफ कहना है कि वो तीनों कानूनों को वापस नहीं लेगी। दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर अड़े हैं, जिसके कारण टकराव बढ़ता जा रहा हैं। सरकार की ओर से किसानों को समझाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन किसान अपनी मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। 

किसान यूनियनों ने केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ अपना आंदोलन तेज कर दिया है और उन्होंने सोमवार को एक दिन की भूख हड़ताल की। इस दौरान 
आंदोलित किसानों ने कहा है कि वह सरकार से बातचीत करने को तैयार है लेकिन उनकी कुछ शर्तें होंगी। 

पहली- बातचीत पुराने प्रस्तावों पर नहीं हो सकती है, जिसे कृषि संघ पहले ही खारिज कर चुके हैं। 
दूसरी- सरकार को एक नया एजेंडा तैयार करना चाहिए। 
तीसरा- बातचीत कृषि कानूनों को निरस्त करने पर केंद्रित होनी चाहिए। 
बता दे कि केंद्र और किसान नेताओं के बीच अब तक हुई पांच दौर की वार्ताएं बेनतीजा रही हैं। 

इधर, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि किसानों के साथ वार्ता की अगली तारीख तय करने के लिए सरकार उनसे संपर्क में हैं। सरकार किसी भी समय बातचीत के लिए तैयार हैं। किसान नेताओं को तय करके बताना है कि वे अगली बैठक के लिए कब तैयार हैं।

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