कांग्रेस में बड़े एक्शन की तैयारी: निष्क्रिय नेताओं पर गिरेगी गाज

भोपाल। मध्यप्रदेश में आगामी चुनाव को देखते हुए कांग्रेस एक्शन मोड में नजर आने लगी है। चुनावी तयारी को लेक्जर पार्टी जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक बदलाव करने की तैयारी में है। जिसके चलते पूर्व मुखयमंत्री कमलनाथ ने जिला अध्यक्षों से प्रकोष्ठों की सक्रियता संबंधित रिपोर्ट मांगी है। इस रिपोर्ट के आधार पर निष्क्रिय नेताओं से जिम्मेदारी छीनी जा सकती है। आपको बता दें कि कांग्रेस पार्टी विधानसभा चुनाव में किसी भी तरह की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहती है। जिस कारण PCC चीफ कमलनाथ खुद हर काम की मॉनिटरिंग कर रहे हैं , जिसमें सामाजिक समीकरण को साधने से लेकर संगठन की मजबूती पर जोर दिया जा रहा है। पार्टी लगातार अलग-अलग अभियान चलाकर जनता के बीच पहुंच रही है।

पार्टी विधानसभा चुनाव से पहले ही निष्क्रिय नेताओं पर एक्शन की तैयारी में है। प्रदेश कांग्रेस में प्रकोष्ठों की जिलों में कितनी सक्रियता है, इस पर कमलनाथ की सीधी नजर है। इस कारण ही संगठन जिला अध्यक्षों से इन प्रकोष्ठों की सक्रियता की रिपोर्ट मांगी गई है। इस रिपोर्ट के आधार पर ही प्रकोष्ठों के जिला अध्यक्षों को पद से हटाया जा सकता है। जबकि जिन प्रकोष्ठों के जिलों में अध्यक्ष नहीं बने हैं, उन प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष की नियुक्ति इसी महीने करनी होगी। चंद महीनों बाद होने जा रहे विधानसभा चुनावों में कांग्रेस और भाजपा ने अपने सभी मोर्चा संगठन और प्रकोष्ठों को भी एक्टिव कर दिया है। इसके साथ ही अपने से संबंधित वर्गों को पार्टी के साथ जोड़ने का जिम्मा दिया है।

हर बूथ को जीतने का बनाया लक्ष्य
चुनावी साल में कांग्रेस फिर से प्रदेश की सत्ता में वापसी के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। कांग्रेस पार्टी का दावा है कि बूथ स्तर पर संगठन मजबूत है। सभी 65 हजार बूथ अध्यक्ष बना दिये गए हैं। हर बूथ को जीतने का लक्ष्य है। कमलनाथ को प्रदेश की सत्ता का सिंहासन हासिल करने के लिए बूथ पर जमकर काम करना होगा। यही वजह है कि कांग्रेस ने बूथ स्तर पर अपनी पुख्ता रणनीति तैयार कर ली है, पार्टी की मानें तो सभी बूथों पर संगठन को सक्रिय कर दिया गया है। बूथ अध्यक्षों को जमीन से सोशल मीडिया तक सक्रिय रहने की हिदायत दी गई है। साथ ही पार्टी का फोकस एससी-एसटी के साथ ओबीसी की छोटी जातियों पर भी है। आपको बता दें कि प्रदेश में एससी-एसटी और ओबीसी सबसे बड़ा वोट बैंक हैं। इसलिए कांग्रेस एससी और एसटी को साधने का प्रयास कर रही है।

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