पंचायत ने दिया फरमान, गौमूत्र पियो- गोबर खाओ फिर समाज में शामिल किया जाएगा
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उत्तर प्रदेश स्थित झांसी से एक बड़ा ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है। बिरादरी में शामिल करने के लिए खाप पंचायत ने अंतर्जातीय दंपति को गोमूत्र पीने व गोबर खाने का फरमान सुना दिया गया। लेकिन समय रहते पुलिस पहुंच गई और पंचों के फरमान पर रोक लगाई।
बता दें कि मामले की शुरुआत चार साल पहले हुई थी। प्रेमनगर थाना क्षेत्र के हंसारी ग्वालटोली निवासी भूपेश यादव ने करीब 4 साल पहले 3 जून 2015 को सदर बाजार निवासी आस्था जैन से विवाह किया था। यह विवाह अंतर्जातीय विवाह था जोकि दोनों परिवार के आपसी सहमति से संपन्न हुआ था। लेकिन समाज के कुछ ठेकेदारों को यह विवाह नागवार गुजरा और पंचायत ने फैसला सुनाकर परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया। इस दौरान इन चार सालों में भूपेश के परिजन पंचों के सामने कई बार गिड़गिड़ाए और फैसला वापस लेने की गुहार लगाई।
शुक्रवार को पंचों ने गांव में एक पंचायत बुलाई और भूपेश को समाज में फिर से स्वीकार करने के लिए यह शर्त रखा गया कि पांच लाख अर्थदण्ड के साथ उसे पवित्र होने के लिए गौ मूत्र पीना होगा, उससे स्नान करना होगा और फिर गोबर खाना भी होगा। इतना दंड पूरा करने के बाद पीड़ित परिवार को समाज में स्वीकार कर लिया जाएगा और समाज के सभी लोग उसके परिवार को अपने घर के शुभ कार्यों में भी शामिल करेंगे।
पंचायत के फैसले की सूचना पुलिस को मिली जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंच कर मामले को अपने हाथ में लिया और बकौल सीओ संग्राम सिंह, 6 पंचों के खिलाफ शांति भंग करने के आरोप में एफआईआर भी दर्ज की गई है। पुलिस द्वारा बताया गया कि पंचायत को हिदायत भी दी गई कि यदि किसी ने भी दंपति का उत्पीड़न या बहिष्कार किया तो उसे बक्शा नहीं जाएगा।



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