शिवराज ने चलाया केवल "विधायक खरीदी उद्योग"!! 9000 सूक्ष्म और मध्यम उद्योगों हुए बंद

शिवराज ने चलाया केवल “विधायक खरीदी उद्योग”, 9000 सूक्ष्म और मध्यम उद्योगों हुए बंद
भोपाल/गरिमा श्रीवास्तव:- जब से मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान की सरकार आई है तब से ऐसा मालूम हो रहा है कि दिन पर दिन भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है.. सरकार सिर्फ अपने फायदे देख रही है. अब सरकार ने प्रदेश के व्यापारियों के लिए खतरे की घंटी बजाई है. बता दें कि प्रदेश में 9000 उद्योगों को शिवराज सरकार ने बंद किया है. व्यापारियों ने बताया कि सरकार चाहती ही नहीं है कि लघु उद्योग चलें उनका ध्यान बड़े उद्योगों पर जाना है जिस कारण लघु उद्योगों के मालिकों की स्थिति दिवालिया हो गई. और फिर कोरोना का में स्थिति और बिगड़ दी गई जिसके बाद उद्योगों को बंद करना पड़ा.
प्रदेश में निवेशकों को लुभाने के लिए सरकार ने 3 साल में 2 बार एमएसएमई नीति बदली. तो बड़े उद्योगों को राहत देने के लिए 2014 से लागू उद्योग नीति में कई बदलाव किए गए जिससे बड़े उद्योगों को काफी फायदा हुआ. पर बीमार उद्योगों में जितने भी लघु उद्योग रहे उन्हें बचाने के लिए कोई भी राहत पैकेज नहीं दिया गया…
1 साल में स्थिति ऐसी हो गई कि करीब 9000 लघु उद्योगों पर ताला डल गया.
दूसरी तरफ औद्योगिक क्षेत्र में बढ़ती भूमाफिया और अतिक्रमण की वजह से लघु उद्योगों को काफी नुकसान पहुंचा और कई तो सड़क पर आ गए..
पर इसे सरकार का क्या उन्हें तो सिर्फ उन लोगों की मदद करनी आती है जिनसे उन्हें धन वसूलने में आसानी रहती है..
लघु उद्योग मालिकों का कहना है कि पिछले कई सालों से नोट बंदी के कारण इंडस्ट्री में बूम नहीं आने और मार्केट में पैसा नहीं होने की वजह से 3000 साल से उद्योगों की स्थिति बहुत खराब है. यह खराब परिस्थितियां भी उद्योगों के बंद होने का कारण है…
मध्य प्रदेश सरकार की नजर इन लघु उद्योग पतियों की तरह बिल्कुल नहीं है. वह सिर्फ अपना फायदा देखेंगे और उन लोगों के लिए पैकेज का ऐलान करेंगे जिन्हें हकीकत में पैकेज की जरूरत नहीं है पर उनके वाक्य जिससे शिवराज को बदले में अच्छा पैकेज मिल जाता है..
प्रदेश की स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती ही जा रही है. जाने नेताओं को चुनाव जीत जाने के बाद क्या हो जाता है कि वह अपने सभी वादे भूल जाते हैं. और पर भ्रष्टाचारी चरम पर हो जाती है.




