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बड़वाह :-विधायक सचिन बिरला के प्रयासों से काटकूट क्षेत्र में पहुंचा नर्मदा जल

  • विधायक सचिन बिरला के प्रयासों से काटकूट क्षेत्र में पहुंचा नर्मदा जल

बड़वाह से लोकेश कोचले की रिपोर्ट – काटकूट क्षेत्र में सिंचाई का जल पहुंचाने के लिए विधायक सचिन बिरला द्वारा की गई पहल रंग लाई है। बिरला ने नर्मदा शिप्रा लिंक एवं नर्मदा-मालवा गंभीर  परियोजनाओं का जल छोड़े जाने पर परियोजना के अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया है। उल्लेखनीय है कि बिरला ने हाल ही में निचली नर्मदा परियोजना विभाग को पत्र लिख कर नर्मदा क्षिप्रा लिंक परियोजना एवं  नर्मदा-मालवा गंभीर परियोजना की पाइप लाइन का वॉल्व खोलने की मांग की थी।ताकि काटकूट क्षेत्र के सैकड़ों किसानों को सिंचाई एवं पीने का जल उपलब्ध हो सके। विभाग ने शनिवार को दोनों परियोजनाओं का वॉल्व खोल दिया। वॉल्व खोलने से  पानी चोरल नदी से बहते हुए क्षेत्र की बरझर नदी में पहुंचेगा।
फलस्वरूप  काटकूट क्षेत्र की लगभग 50 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई  हो सकेगी। इस जल से काटकूट क्षेत्र में न केवल सिंचाई होती है अपितु ग्रामीणों और पशुओं को पेयजल भी उपलब्ध होता है। गर्मियों में इसी जल से काटकूट क्षेत्र की जल समस्या का निदान होता है।पानी छोड़े जाने से काटकूट क्षेत्र में हर्ष व्याप्त है।

इंदिरा सागर परियोजना का पानी छोड़ने की भी मांग:-
विधायक बिरला ने इंदिरा सागर परियोजना के अधिकारियों से यह भी मांग की है कि निमाड़ क्षेत्र की नहरों में परियोजना का पानी अविलंब छोड़ा जाए। ताकि क्षेत्र की ग्रीष्म ऋतु की फसल मिर्ची और कपास की सिंचाई हो सके। बिरला ने कहा कि संपूर्ण निमाड़ क्षेत्र में लाखों हेक्टयर कृषि भूमि में मिर्च और कपास की फसल लगाई जाती है। वर्तमान में किसानों का  मिर्ची का रोप तैयार करने का समय है। इसी प्रकार अब  कपास की फसल को भी सिंचाई की आवश्यकता है।इसलिए इंदिरा सागर परियोजना का जल तत्काल नहरों में छोड़ा जाना आवश्यक है। बिरला ने कहा कि इंदिरा सागर परियोजना का जल प्रतिवर्ष 10 मई तक नहरों में पानी छोड़ दिया जाता है। जबकि ओंकारेश्वर परियोजना का जल पहले ही नहरों में छोड़ा जा चुका है। अतः इंदिरा सागर परियोजना का जल भी  नहरों में छोड़ा जाना जरूरी है। किसान बड़ी बेसब्री से नहरों में पानी छोड़े जाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। बिरला ने कहा कि मिर्ची और कपास दोनों ही किसान की नगदी फसलें हैं।जो किसानों का आर्थिक आधार हैं।बिरला ने कहा कि खरगोन,खण्डवा और बड़वानी क्षेत्र के किसानों के व्यापक हित में इंदिरा सागर परियोजना का जल नहरों में  तत्काल प्रभाव से छोड़ा जाए।

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