महाराष्ट्र मंत्रिमंडल विस्तार में हो रही देरी पर NCP ने उठाए सवाल, पूछा सही मुहूर्त नहीं मिल रहा क्या?

महाराष्ट्र : महाराष्ट्र में शिवसेना से बगावत करके गए एकनाथ शिंदे ने 30 जून को नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। जबकि देवेंद्र फडणवीस ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली। इस नई सरकार को राज्य में 1 माह से ऊपर हो गया है, बावजूद इसके अब तक नए कैबिनेट का गठन नहीं किया गया हैं।

वहीं, मंत्रिमंडल विस्तार में हो रहीं देरी को लेकर विपक्षी दल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने शिंदे नीत सरकार पर निशाना साधा और पूछा कि क्या उसे इस कवायद के लिए सही मुहूर्त नहीं मिल रहा है?

मालूम हो कि सीएम एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस ने 30 जुलाई को अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की थी। तब सूत्रों ने कहा था कि शिंदे मंत्रिमंडल विस्तार में 50-50 के फार्मूले पर अडिग थे, जबकि भाजपा 60-40 का फार्मूला चाहती है। सूत्रों ने यह भी कहा कि भाजपा को 27 कैबिनेट मंत्रालय मिलने की संभावना है जबकि शिंदे खेमे को 15 मंत्रालय मिलेंगे।

बहरहाल, अब सवाल ये उठ रहा है कि अगर मंत्रिमंडल विस्तार होता है तो कब होगा? ये विस्तार एक बार में होगा ये दो बार में? इसको लेकर भी एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस के बीच सहमति नहीं बन पाई है।

हालांकि, कहा जा रहा है कि शिंदे-फडणवीस सरकार का कैबिनेट विस्तार 15 अगस्त से पहले हो जाएगा।

शिवसेना के बागी विधायक और पूर्व मंत्री उदय सामंत ने कहा कि शिंदे के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल का विस्तार 15 अगस्त से पहले होगा।

उदय सामंत ने कहा कि प्रभारी मंत्री स्वतंत्रता दिवस पर अपने-अपने जिलों में तिरंगा फहराएंगे। प्रत्येक जिले की विकास योजनाओं और संबंधित मामलों के लिए प्रभारी मंत्रियों की नियुक्ति की जाती है। यह एक अतिरिक्त जिम्मेदारी है, जो मंत्रिपरिषद के सदस्यों को दी जाती है।

हालांकि, इससे पहले सीएम शिंदे ने 2 अगस्त को कहा था कि मंत्रिमंडल का विस्तार जल्द होगा। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा और शिवसेना के शिंदे खेमे के आठ-आठ सदस्य मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। सूत्रों ने कहा कि गृह जैसे महत्वपूर्ण विभाग भाजपा के पास रहने की संभावना है।

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