MP हाईकोर्ट ने शिक्षकों को दी बड़ी राहत, प्रदेश सरकार को दिए आदेश, टीचर्स के सातवे वेतनमान पर निर्णय करें
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जबलपुर/प्रियंक केशरवानीः– मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से एमपी के अनुदान प्राप्त प्राइवेट कॉलेजों के टीचर्स को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया है कि ऐसे कॉलेजों के टीचर्स को सातवे वेतनमान का लाभ देने पर विचार किया जाए। जस्टिस अतुन श्रीधरन की एकलपीठ ने मप्र अशासकीय महाविघालयीन प्राध्यापक संघ की याचिका पर जल्द निर्णय लेने के निर्देश सरकार को दिए।
टीचर्सों को 6वे वेतनमान का लाभ मिल चुका है-
याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि प्रदेश के सभी शासकीय कॉलेजों और विश्वविघालयों में 7वे वेतनमान का लाभ दिया जा रहा है। शासकीय की तरह अशासकीय महाविघालयों में भी नियुक्ति विश्वविघालय अधिनियम और कॉलेज कोड-28 के तहत ही नियुक्तियां होती हैं। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने 2014 अशासकीय महाविघालयों के प्राध्यापकों को 6वे वेतनमान का लाभ देने के आदेश दिए थे।
सुप्रीम कोर्ट के नाम का दिया हवाला-
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि शासकीय अनुदान प्राप्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों को भी सरकारी कॉलेज के टीचर्स और कर्मचारियों की तरह वेतन दिया जाए। प्रदेश में शासन से अनुदान प्राप्त 75 प्राइवेट कॉलेज संचालित हैं। सरकारी कॉलेजों के समान यूजीसी वेतनमान मिल रहा है। इसके पहले 6वें वेतनमान का लाभ भी मिला है। याचिका में बताया गया कि इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग को आवेदन देकर मांग की गई कि सातवां यूजीसी वेतनमान दिया जाए। विभाग द्वारा कार्रवाई नहीं करने पर हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी।
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