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मैहर: -शस्त्र लाइसेंस फर्जीवाड़ा: एसटीएफ ने शुरू की एफआईआर की तैयारी

  • प्रदेश का सबसे बड़ा शस्त्र लाइसेंस फर्जीवाड़ा
  • लाइसेंस धारक भी बन सकते हैं आरोपी

सतना/मैहर से सैफी खान की रिपोर्ट:-  जिले में प्रदेश का सबसे बड़ा शस्त्र लाइसेंस फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद एसटीएफ भोपाल के एसपी राजेश सिंह भदौरिया खुद अपनी टीम के साथ बुधवार को सतना पहुंचे। यहां उन्होंने अब तक की जांच का पूरा ब्यौरा हासिल किया साथ ही साथ फर्जीवाड़े से संबंधित दस्तावेजों का अवलोकन किया। इस दौरान 116 पन्नों की रिपोर्ट तैयार की गई है। जिसके आधार पर दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जाएगी। हालांकि मामला अभी भी जांच में होने की बात एसपी भदौरिया ने कही है।
आपको बता दें कि सतना जिले में शस्त्र शाखा के लिपिकीय स्टाफ ने सुनियोजित तरीके से षड़यंत्रपूर्वक शस्त्र लाइसेंसों में फर्जीवाड़ा कर उन्हें जारी किया था। हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अन्य राज्यों से जारी होने वाले लाइसेंसों को बिना शासन की परीक्षण रिपोर्ट के ही सतना जिले में दर्ज कर लिया गया। खेल तो इस हद तक किया गया कि डीएम ने एक लाइसेंस को अनुमति दी तो लिपिकीय स्टाफ ने उसमें पांच नाम अपने से जोड़ कर लाइसेंस जारी कर दिए। यह मामला जब एसटीएफ के संज्ञान में आया तो वे भी चौंक गए। मामल की रिपोर्ट जब एसपी एसटीएफ भोपाल राजेश सिंह भदौरिया को मिली तो प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वे स्वयं भी सतना पहुंच गए है। उनके साथ डीएसपी, टीआई, सब इंस्पेक्टर सहित आपरेटरों की पूरी टीम भी सतना पहुंची हुई है।

हालांकि एसटीएफ की टीम पहले से जांच कर रही थी, लेकिन अब एसपी के आने के बाद प्रकरण की जांच की गंभीरता और बढ़ गई है। बुधवार को एसपी भदौरिया ने खुद भी प्रकरणों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कलेक्टर सतेन्द्र सिंह से भी मामले में चर्चा की। बताया जा रहा है कि अब तक की जांच में 116 पन्नों की रिपोर्ट तैयार की गई है। जिसके आधार पर एसटीएफ दोषियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज करेगी। हालांकि यह भी माना जा रहा है कि एफआईआर के बाद भी जांच जारी रहेगी। एसपी भदौरिया ने बताया कि मामला गंभीर और संवेदनशील है। लिहाजा अभी इस पर कुछ बताया नहीं जा सकता है और जांच अभी जारी है।

लाइसेंस धारक भी बन सकते हैं आरोपी-

जानकारों का मानना है कि जांच में जो शासकीय अमला दोषी पाया जाएगा उस पर तो एफआईआर दर्ज होगी ही साथ ही वे लाइसेंस धारक भी आरोपी बन सकते हैं जिनके आवेदनों के बिना उनके लाइसेंस जारी किए गए हैं या उन्हें अतिरिक्त कारतूस या सीमा वृद्धि हुई है। इस मामले में ऐसे शस्त्र धारकों से भी एसटीएफ पूछताछ करेगी।
कलेक्टर ने दी एफआईआर की अनुमति जानकारी के अनुसार एसटीएफ ने अपनी प्रारंभिक जांच में 116 केस में गड़बडिय़ां पाई हैं। इसमें से 80 के लगभग मामलों का प्रतिवेदन भी तैयार किया जा चुका है। इस आधार पर एसटीएफ एसपी भदौरिया ने तय प्रोफार्मा में कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट से एफआईआर दर्ज करने की अनुमति चाही। इस पर कलेक्टर सतेंद्र सिंह ने अनुमति जारी कर दी है। इसके बाद जल्द ही एसटीएफ मामले में आपराधिक प्रकरण कायम करेगी। मामले में कलेक्टर सतेन्द्र सिंह ने कहा कि एसटीएफ अपनी कार्रवाई कर रही है। जिला प्रशासन उन्हें सभी आवश्यक जानकारियां दे रहा है। कलेक्टर ने मामले में शीघ्र एफआईआर दर्ज होने की बात कही है।

 

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