मप्र में ऐसा होगा "लॉक डाउन 4.0", सीएम शिवराज ने बताए इसके "नए नियम"

भोपाल से खाईद जौहर की रिपोर्ट – देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने मंगलवार रात को एक बार फिर देश की जनता को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कई बातों का ज़िक्र किया। लेकिन 130 करोड़ जनता की नज़रे लॉक डाउन (Lock Down) को लेकर बनी हुई थी। हालांकि पीएम मोदी ने बताया कि लॉक डाउन का चौथा चरण भी आना हैं। ये 18 मई से लागू होगा। पीएम ने कहा कि इस बार का लॉक डाउन नए स्वरूप वाला होगा। हांलाकि वो नए स्वरूप क्या होंगे इसको लेकर अभी कोई घोषणा नहीं कि गई हैं।
इधर, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह (CM Shivraj Singh) ने भी लॉक डाउन के चतुर्थ चरण को लेकर कई खुलासे किए हैं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में 17 मई से लॉक डाउन 4 शुरू हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए हमें अपनी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना होगा। आयुर्वेदिक दवाओं (Ayurvedic Medicine) के प्रयोग से इसे बढ़ाया जा सकता हैं।
सीएम शिवराज ने कहा कि हमें कोरोना (Corona) के साथ जीने की आदत डालनी होगी। दो गज की दूरी, मास्क का प्रयोग और पूरी सावधानियां रखते हुए एक तरफ कोरोना के संक्रमण को रोकना होगा, तो दूसरी तरफ आर्थिक गतिविधियां (Economic Activities) भी करनी होंगी।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि एक तरफ जहां हमें कोरोना संक्रमण (Corona Infection) की चेन को तोड़ना हैं। वहीं दूसरी तरफ हमें जनजीवन के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी पटरी पर लाना हैं।
नई रूपरेखा के साथ लागू होगा लॉक डाउन 4.0
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन बना रहेगा मगर इस बार उसका स्वरूप अलग होगा। ग्रीन जोन (Green Zone) में सभी गतिविधियां चालू रहें। ऑरेंज जोन (Orange Zone) में संक्रमित क्षेत्र छोड़कर गतिविधि चालू होनी चाहिए। रेड जोन (Red Zone) में संक्रमित क्षेत्र को छोड़कर गतिविधियां सामान्य हो सकती हैं।
सीएम शिवराज सिंह ने 15 मई तक अधिकारियों को ग्रीन, ऑरेंज और रेड जोन के हिसाब से नई रूपरेखा बनाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री सिंह ने कहा कि ऐसी योजना बनाई जाए। जिससे लोगों को परेशानी भी नहीं हो और कोरोना चेन को रोका जा सके। सीएम ने अधिकारियों से कहा कि, पूरे प्रदेश में रात्रिकालीन कर्फ्यू जारी रहना चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों (District Collector) से रूपरेखा तैयार करने को कहा हैं। उन्होंने अधिकारियों (Officers) को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि तीन जोन के हिसाब से अलग-अलग योजना बनाकर तैयार रखें।




