मध्यप्रदेश की राजधानी शिक्षा और स्वास्थ्य में पिछड़ी

मध्यप्रदेश की राजधानी शिक्षा और स्वास्थ्य में पिछड़ी
भोपाल/राज राजेश्वरी शर्मा: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के हाल से हम प्रदेश का हाल बखूबी जान सकते है। प्रदेश की राजधानी भोपाल प्रदेश के तीन अन्य बड़े शहरों से शिक्षा और स्वास्थ्य के मामले में काफी पिछड़ा है। राजधानी से बेहतर इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर क्षेत्र है। जहां शिक्षा और स्वास्थ्य की बेहतर सुविधाएं है। जब राजधानी ही विकसित नही है तो हम पूरे प्रदेश की स्थिति का अनुमान आसानी से लगा सकते है। केंद्र की ओर से एक दिन पहले जारी ईज़ ऑफ लिविंग और म्युनिसिपल परफॉर्मेंस इंडेक्स के नतीजों से यह खुलासा हुआ है। स्वास्थ्य क्षेत्र में भोपाल को 48वीं रैंक मिली है, जबकि जबलपुर दसवे और इंदौर 14 नंबर पर रहा। इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि हेल्थ सेक्टर में राजधानी में काफी सुधार और काम किए जाने की जरूरत है।
राजधानी होने के बावजूद भी भोपाल से बेहतर इंदौर में सुविधाएं है। जेपी व सभी गैस राहत अस्पतालों को जनरल हॉस्पिटल में तब्दील कर सुविधाएं बढ़ाने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
भोपाल में क्वालिटी एजुकेशन की कमी है, क्वालिटी एजुकेशन राजधानी से बेहतर इंदौर में है, यह सीधे तौर पर रोजगार से जुड़ी है। इंदौर में कई बड़ी आईटी कंपनियों के ऑफिस खुले हैं वहां के संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों का वह कैंपस सिलेक्शन करते हैं। इससे शिक्षा का स्तर उठता है। भोपाल की ओर बड़ी कंपनियों ने रुख नहीं किया इस पर ध्यान दिया जाए तो हम शिक्षा के क्षेत्र में और बेहतर कर सकते हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में भोपाल 30वें नंबर पर है। इंदौर दूसरे व ग्वालियर 20 नंबर पर।
राजधानी के हाल साफ दर्शाते हैं कि प्रदेश के अन्य जिलों, कस्बों के कैसे हाल होंगे।



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