कोरोना प्रकोप:- एक बार फिर शुरू हुआ "दहशत का पलायन……."

कोरोना प्रकोप:- एक बार फिर शुरू हुआ पलायन…….
द लोकनीति डेस्क:गरिमा श्रीवास्तव
कोरोना महामारी एक बार फिर से सभी की कमर तोड़ने में लग चुका है. पुराने दिन एक बार और भयावह रूप लेकर वापस आ गए हैं. दिल्ली मुख्यमंत्री द्वारा लॉकडाउन का ऐलान होते ही बड़ी तादाद में एक बार फिर से पलायन शुरू हो गया.

दिल्ली के आनंद विहार बस टर्मिनल पर प्रवासियों की भारी भीड़ जमा हो गई.दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को दैनिक मजदूरों को कार्यस्थल पर भोजन उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं.

दिल्ली में 26 अप्रैल तक लॉकडाउन :-
दिल्ली सरकार ने 26 अप्रैल तक लॉकडाउन का ऐलान किया है लॉकडाउन सोमवार रात 10:00 बजे से अगले सोमवार की सुबह 5:00 बजे तक 6 दिन के लिए लगाया गया है लोक डाउन के दौरान आवश्यक सेवाएं जारी रहेंगी शादियों में केवल 50 लोगों की अनुमति होगी. इसके लिए अलग से पास दिए जाएंगे दिल्ली में लॉकडाउन की घोषणा के बाद मजदूरों की भारी भीड़ आनंद विहार और कौशांबी बस डिपो पर हो गई.
पिछले साल भी लॉकडाउन के बाद दिल्ली से मजदूरों का इसी तरह पलायन हुआ था। उस समय ट्रेन और बसें बंद होने की वजह से लाखों प्रवासी मजदूर पदल ही अपने गांवों की ओर निकल गए थे। भूख-प्यासे मजदूरों ने हजारों किलोमीटर की दूरी तय की थी तो कई रास्ते में ही हादसों के शिकार हो गए। शहरों को छोड़कर चले गए मजदूर लॉकडाउन के बाद दोबारा रोजगार की तलाश में शहरों में लौटने को मजबूर हुए, लेकिन एक बार फिर लॉकडाउन के ऐलान से पिछले साल की तरह पलायन शुरू हो गया है.
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आनंद विहार पर आईएसबीटी और रेलवे स्टेशन पर हजारों लोग पहुंच गए और यह संख्या बढ़ती जा रही है। इससे पहले केजरीवाल ने दिन में लॉकडाउन की घोषणा करते हुए राजधानी में रहने वाले बाहरी कामगारों से अपील की थी कि यह लॉकडाउन छोटा रहने की उम्मीद है, इसलिए वे दिल्ली छोड़कर नहीं जाएं।
प्रवासी मजदूर ऐसा सोच रहे हैं कि इस बार प्रकोप ज्यादा भयावह है तो लॉकडाउन लंबा लग सकता है.



