खंडवा लोकसभा सीट : प्रत्याशी चयन बना कांग्रेस के लिए फांस, यादव की राह में रोड़ा बने शेरा, दिग्गी राजा ने दी बधाई…

भोपाल/खाईद जौहर : गुरुवार को कांग्रेस के दिग्गज नेता अरुण यादव ने दिल्ली में प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ और प्रदेश प्रभारी मुकुल वासनिक से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उन्होंने एक ट्वीट किया, जिसके बाद प्रदेश में सियासी हलचल तेज़ हो गई। दरअसल, खंडवा लोकसभा सीट पर उपचुनाव होना है, और इस सीट से टिकट के प्रबल दावेदार अरुण यादव मानें जा रहे है। लेकिन उनकी राह में बुरहानपुर से निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा रोड़ा बने हुए है, वो भी अपनी पत्नी के लिए इस सीट से टिकट की मांग कर रहे है।
बता दे कि निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा तो इस बात का भी दावा कर चुके है कि कमलनाथ ने उन्हें टिकट देने का आश्वासन दे दिया है। उनका कहना है कि खंडवा लोक सभा सीट से उप चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने पूरी तैयारी कर ली है। विधायक शेरा ने कहा है कि खंडवा सीट से कांग्रेस का टिकट उनकी पत्नी जयश्री को ही मिलेगा। अरुण यादव का नाम कहां से तय हो गया? क्या उन्हें बी फॉर्म मिल गया? शेरा ने कहा कि इस क्षेत्र में आम आदमी की सुनेंगे, तो सिर्फ जयश्री का ही नाम आएगा।
वहीं, दिल्ली में कमलनाथ और मुकुल वासनिक से मुलाकात के बाद अरुण यादव ने ट्वीट करते हुए कहा की – आज नई दिल्ली में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री कमलनाथ जी, राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी श्री मुकुल वासनिक जी से भेंट कर खंडवा लोकसभा उपचुनाव से संबंधित संगठनात्मक व राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर उनके समक्ष अपना पक्ष रखा।
उन्होंने लिखा की – चर्चा सौहार्दपूर्ण रही, जिसमें मैंने उनसे यह भी आग्रह किया है कि यदि पार्टी किसी समर्पित कार्यकर्ता को प्रत्याशी बनाना चाहे, तो मैं उसकी पूरी मदद करूँगा। मैं शीघ्र ही श्री राहुल गांधी जी के समक्ष संपूर्ण राजनीतिक परिस्थितियों से उन्हें अवगत कराऊंगा।
इधर, अरुण यादव का बयान आने के बाद माना जा रहा है कि खंडवा सीट के लिए प्रत्याशी चयन कांग्रेस की फांस बन गया है। हालांकि, कहीं न कहीं इस बात के भी संकेत मिल रहे है कि अरुण यादव का नाम फाइनल हो चूका है, क्योंकि गुरुवार दोपहर को ही पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर अरुण यादव को शुभकामनाएं दी थीं।
वहीं, कहा ये भी जा रहा है कि कमलनाथ 2 अक्टूबर को भोपाल में उपचुनाव के प्रभारी और पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। कांग्रेस की रणनीति है कि चारों सीटों के प्रत्याशियों की घोषणा भाजपा से पहले कर दी जाए। बहरहाल अब देखना होगा की इस सीट से किस को उम्मीदवार बनाया जाता है।




