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तैयार हो जाइए, कमलनाथ इस पेंशन योजना को समाप्त करने जा रहे हैं !

 

भोपाल : प्रदेश में मचे राजनीतिक बवाल के के बीच कमलनाथ सरकार मीसाबंदी पेंशन खत्म करने की तैयारी में है। आपको बता दें कि कमलनाथ सरकार मीसाबंदी पेंशन कानून खत्म करने जा रही है। विधानसभा के बजट सत्र में लोकतंत्र सम्मान निधि निरसन विधेयक लाने की तैयारी है ,कांग्रेस के इस कदम का विरोध भाजपा कर सकती है।  ऐसे मेंराज्यसभा चुनाव से पहले सरकार को इसकीआड़ में फ्लोर टेस्ट पास कराकर विधायकों में उत्साह भर सकती है।  इस कानून को अभी लाने के पीछे मुख्यमंत्री कमलनाथ की मनसा फ्लोर टेस्ट के जरिए जीत हासिल करना है। 
कौन ले रहा पेंशन 
 पूर्व की भाजपा सरकार ने मीसाबंदी पेंशन के लिए 2008 में लोकतंत्र सेनानी पेंशन अधिनियम बनाया था। जिसे चुनाव से पहले विधानसभा से पारित कराकर कानून की शक्ल दे दी गई थी ताकि बिना इसे सदन में लाए इसे निरस्त नहीं किया जा सके। आपको बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ,केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत सहित भाजपा के कई नेता इस पेंशन का लाभ ले रहे हैं। 
मीसाबंदी पेंशन का कालचक्र
 2008 में शिवराज की सरकार ने मीसाबंदी पेंशन योजना की शुरुआत की,6  माह या उससे कम जेल में रहने पर ₹3000 मिलते थे. जिसके बाद पेंशन में बढ़ोतरी हुई और अब 6000 मिलने लगे।  2012 में इस राशि को बढ़ाकर 15000 कर दिया गया. 2017 में 1 दिन भी जेल में रहने पर पेंशन की व्यवस्था की गई तत्कालीन समय में मीसाबंदियों को 25 हजार रूपए  मिलते हैं। 

 

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