आखिर कांग्रेस की यादों को क्यों नहीं भुला पा रहे हैं सिंधिया??

आखिर कांग्रेस की यादों को क्यों नहीं भुला पा रहे हैं सिंधिया??

आखिर कांग्रेस की यादों को क्यों नहीं भुला पा रहे हैं सिंधिया??

भोपाल/गरिमा श्रीवास्तव:- मध्यप्रदेश में पिछले साल मार्च के महीने में बड़ा फेरबदल हुआ था. अतिथि विद्वानों के मुद्दे पर अपनी ही सरकार के खिलाफ मुखर हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने 22 समर्थक विधायकों के साथ भाजपा में शामिल हो गए थे.

महज 17 दिन के अंदर ही मध्य प्रदेश की पूरी राजनीति बदल गई. सत्ताधारी कमलनाथ की सरकार गिर गई और फिर सत्ता की कुर्सी पर विराजमान हुए शिवराज सिंह चौहान.

ज्योतिरादित्य सिंधिया भारतीय जनता पार्टी से नाराज ना हो इसीलिए पार्टी ने उनके कई समर्थक विधायकों को मंत्री पद दिया. जिसकी वजह से भाजपा ने भीतर ही भीतर कई नेताओं की बड़ी नाराजगी भी सामने आई पर सभी की नाराजगी दूर करते हुए भाजपा में सिंधिया समर्थक विधायकों को प्राथमिकता दी और देते भी क्यों नहीं.. बिना सिंधिया और उनके समर्थक विधायकों के मध्य प्रदेश में इतना बड़ा दल बदल नहीं हो पाता.

 ज्योतिरादित्य सिंधिया को भाजपा ने राज्यसभा सांसद के लिए टिकट दिया और फिर वह चुनाव जीतकर राज्यसभा सांसद बने.

एक तरफ जहां ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने आप को कहते हैं कि वह अब पूरी तरह से भाजपा में शामिल हो चुके हैं तो वहीं दूसरी तरफ कुछ चीजें ऐसी है जिससे ऐसा लगता है कि अभी भी पूरी तरह सिंधिया कांग्रेस को भुला नहीं पाए हैं.

इंडियन यूथ कांग्रेस के प्रवक्ता अमन दुबे ने ट्विटर पर एक तस्वीर शेयर की. जिसमें ज्योतिरादित्य सिंधिया के टेबल पर 2017 की तस्वीर लगी थी जब वह कांग्रेस में थे. विधानसभा घेराव के दौरान सिंधिया और कांग्रेस के नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया था.

 अमन दुबे ने ट्वीट करते हुए कहा कि सिंधिया जी, क्या यादों को भुला नहीं पा रहे या भुलाना नहीं चाहते ?

टेबल पर लगी तस्वीर 2017 की है।

विधानसभा घेराव के दौरान सिंधिया जी और कांग्रेस के नेतागणो को गिरफ़्तार कर लिया गया था..।

राहुल जी ने सत्य कहा था कांग्रेस में सिंधिया जी का भविष्य है ना कि भाजपा में।

https://twitter.com/AmanDubeyIndia/status/1379776374680920067?s=19

 अब इस तस्वीर के लोग तरह-तरह के मायने निकाल रहे हैं. कि आखिर ज्योतिरादित्य सिंधिया के टेबल पर यह तस्वीर अब तक क्यों सुसज्जित है.

 हालांकि मायने निकालने तो काफी आसान है पर असल क्या है वह सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ही जान सकते हैं.