अजय भाई आप दिल से जबलपुर के हितैषी है, परिवारों का दर्द और श्मशानों में कतारें देखकर हम धृतराष्ट्र कैसे बने रहे – विवेक तन्खा

मध्यप्रदेश/जबलपुर : मध्यप्रदेश के जबलपुर में कोरोना से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। अस्पतालों में बेड सहित ऑक्सीजन की भारी कमी देखी जा रही हैं। इतना ही नहीं ऑक्सीजन और वेंटीलेटर वाले मरीजों को लेकर बेड की मारामारी मची हैं। जिले में 50 सरकारी व निजी अस्पताल ऐसे है जहां बेड पुरे भर चुके हैं। ऐसे में नए मरीज़ो को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं।
वहीं, जबलपुर में लगातार बिगड़ रहे हालात को देखते हुए पाटन से बीजेपी के विधायक और पूर्व मंत्री अजय विश्नोई ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया हैं। वो लगातार सीएम शिवराज से यहां ध्यान देने की मांग कर रहे हैं। वो लगातार सीएम को इन हालातों से निपटने के लिए सुझाव भी दे रहे हैं। बावजूद इसके कुछ हल नहीं निकल रहा हैं।
हालही में अजय विश्नोई ने सीएम को खुला पत्र भी लिखा हैं।
अजय विश्नोई ने पत्र में लिखा की – वाकई आपातकाल हैं। सरकारी हो या प्राइवेट, एक-एक बिस्तर की मारामारी हैं। ऑक्सीजन की कमी है। जबलपुर में प्राइवेट मेडिकल कॉलेज नहीं होने से भी परेशानी है। कृपया सुखसागर को अविलंब सरकारी व्यवस्था में लें। इससे 350 बिस्तर की व्यवस्था हो जाएगी। जिले में गंभीर स्थिति और सीमित संसाधन को देखते हुए कुछ अलग सोचने की जरूरत है। सुझाव दिया कि जबलपुर में सेना के पास काफी बड़ी संख्या में कुशल पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध हैं।
प्रयास कर खुद या केंद्र के माध्यम से सेना की मदद लेने का कोशिश करें। जबलपुर में इंजीनियरिंग कॉलेज और साइंस कॉलेज के खाली हॉस्टल को अस्पताल का स्वरूप दिया जा सकता है। यहां कमरे और बाथरूम के साथ मेस है और दोनों शहर के बीच में हैं। बाजार में रेडी उपलब्ध ऑक्सीजन कंसंट्रेटर खरीद कर 5 लीटर तक ऑक्सीजन दी जा सकती है। गंभीर मरीज होने पर उसे मेडिकल कॉलेज भेजा जाए।
पूर्व मंत्री द्वारा लिखे गए इस पत्र का कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने समर्थन किया। उन्होंने इस पत्र को री पोस्ट करते हुए लिखा की – “अजय भाई आप दिल से जबलपुर के हितैषी हैं, परिवारों का दर्द और श्मशानों में कतारें देखकर हम धृतराष्ट्र कैसे बने रहे।'
इस से पहले राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने महाकौशल में हुए कोरोना विस्फोट पर चिंता जताई थी। साथ ही उन्होंने सांसद निधि से 1 करोड़ देने का ऐलान भी किया था।
विवेक तन्खा ने ट्वीट करते हुए लिखा था की – समय आ गया है civil administration आर्मी के मदद से जबलपुर में शीघ्र अति शीघ्र अस्थाई कोविद सेंटर स्थापित करे। पूर्ण महाकौशल क्षेत्र के #कोविडमरीज जो दर दर भटक रहे को राहत मिलेगी :: दिल्ली और रायपुर के तर्ज़ में :: ऐसे स्वास्थ्य यज्ञ में सांसद निधि से १ करोर की राशि अर्पित करूँगा।
छत्तीसगढ़ से जबलपुर के लिए oxygen उपलब्ध हो सकता है :: मैंने @bhupeshbaghel CM छत्तीसगढ़ से मदद की बात की। उन्होंने आश्वस्त किया कि यदि मप्र शासन @ChouhanShivraj के तरफ़ से पहल होगी तो वह जबलपुर वसियों की मदद प्राथमिकता से करेंगे। रोज़ाना २८ टन oxygen की जबलपुर को आवश्यकता है।



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