सिहोरा : अधिकारी चले नेता की चाल, ख़ुद उड़ा रहे नियम की धज्जियां , लेकिन आम आदमी पर चालानी कार्रवाई

सिहोरा : अधिकारी चले नेताओं की चाल, ख़ुद उड़ा रहें नियम की धज्जियां लेकिन आम आदमी पर चालानी कार्रवाई
- पहले दिन मझगवाँ में सोशल डिस्टेंसिंग न होने पर काटे जमकर चालान
- दूसरे दिन साहब के दफ्तर के बाहर उड़ती रहीं नियमों की धज्जियां
द लोकनीति डेस्क जबलपुर (सिहोरा)
एकदिन पहले मझगवाँ में मास्क न लगाने पर शासन ने चालान काट कर वाहवाही लूटी थी वही दूसरी तरफ अगले दिन गृहमंत्रालय के आदेशों की खुलकर धज्जियां उड़ाने वाले ख़ुद अधिकारी ही थे लेकिन वहाँ चालान नहीं कट सका ,क्योंकि वहां सरकार ने नुमाइंदे विराजमान थे। मामला जबलपुर जिले की सिहोरा तहसील के मझंगवा कस्बे का है।
पहले दिन का द्श्य :

जबलपुर के नए कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने आदेश जारी किये जिसमे जो भी दूकानदार मास्क नहीं पहन रहे ,या सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करते हुए पाये जाते है। तो उनकी दुकान सील कर दी जाए या लम्बा जुर्माना ठोका जाए ,तो बाबू साहब अपनी पैनल के साथ मझंगवा कस्बे में तहलका मचाकर कार्रवाई करते नजऱ आये ,एक फुटवेयर और एक स्वीट्स की दुकान पर नियमों का उल्लंघन बताकर चालान काट दिया। जबकि वहां इतनी ज़्यादा भीड़ नहीं थी कि नियमो का उल्लंघन हो रहा हो लेकिन साहिब तो साहब जो ठेरे ,अब आये है तो ज़िले के डीएम साहब के आदेश के तहत ,चालान ठोक दिए तो ठोक दिए।
दूसरे दिन का द्श्य :


अगले दिन कोरोना और सोशल डिस्टेंसिंगकी परिभाषा ही बदल दी जाती है क्योंकि जब बात सरकार या सरकार के नुमाइंदो की हो तो नियम,कानून सब तक पर रख दिए जाते है। जी हाँ यह नायाब कारनामा मझंगवा के नायब तहसीलदार कार्यालय का है। जहाँ खुलकर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। लेकिन साहब तो अपने ऑफिस में ठंडी हवा ले रहे है। उन्हें बाहर की हवा से क्या लेना -देना।
बड़ा सवाल -जब नेता -अधिकारी खुद उड़ाते है नियमों की धज्जियां ,तब आम आदमी को कैसे बचाएंगे कोरोना महामारी से ??




